कोरोना संकट में भी रक्षा क्षेत्र पर अरबों खर्च; भारत शीर्ष तीन देशों में शामिल : रिपोर्ट
पिछले एक साल से पूरी दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रही है। कोरोना महामारी ने कई देशों की अर्थव्यवस्थाओं को अपंग कर दिया है, फिर भी हथियारों की दौड़ जारी है। पिछले एक साल में दुनिया भर में रक्षा तत्परता पर लगभग 2 ट्रिलियन खर्च किए गए हैं। 2019 की तुलना में इस खर्च में 2.6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। स्टॉकहोम में इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (CIPRI) की एक हालिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है।
2020 में शीर्ष पांच सैन्य खर्चकर्ता देश अमेरिका, चीन, भारत, रूस और यूनाइटेड किंगडम हैं। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा सैन्य खर्च करने वाला देश है। रूस और ब्रिटेन भारत से पीछे हैं। अमेरिका ने 778 अरब डॉलर खर्च किए। चीन ने 252 अरब डॉलर और भारत ने 72.9 अरब डॉलर खर्च किए। इन तीनों देशों का खर्च 2019 की तुलना में अधिक रहा। अमेरिकी सैन्य खर्च जीडीपी का 3.7 फीसदी रहा, इसके बाद चीन 1.7 फीसदी और भारत का 2.9 फीसदी रहा । 2011 से 2020 के बीच अमेरिकी सैन्य खर्च में 10 फीसदी की गिरावट आई, लेकिन चीन का सैन्य खर्च 7.6 फीसदी बढ़ा, जबकि भारत का सैन्य खर्च 34 फीसदी बढ़ा।
Who were the five biggest military spenders in 2020?
1) USA🇺🇸
2) China🇨🇳
3) India🇮🇳
4) Russia🇷🇺
5) UK🇬🇧Together they accounted for 62% of global military spending. Read more about the trends in world military expenditure ➡️ https://t.co/rSIa4kNCH6 pic.twitter.com/Fs4oQmeYhp
— SIPRI (@SIPRIorg) April 25, 2021
CIPRI की रिपोर्ट के अनुसार, एशिया-महासागर क्षेत्र में सैन्य खर्च 2019 की तुलना में 2020 में 2.6 प्रतिशत अधिक और 2011 की तुलना में 47 प्रतिशत अधिक रहा । 2020 में, भारत और चीन ने क्षेत्र के खर्च का 62 प्रतिशत हिस्सा लिया।
CIPRI की रिपोर्ट के अनुसार, भारत का 2020 में वार्षिक सैन्य खर्च 2019 की तुलना में दो प्रतिशत अधिक है। उसके लिए, पड़ोसी चीन और पाकिस्तान के साथ भारत के संबंध तनावपूर्ण थे। दोनों देशों के साथ सीमा विवाद ने तनाव बढ़ा दिया था। परिणामस्वरूप, सैन्य खर्च में वृद्धि हुई है।
