अमिताभ बच्चन का ‘मिशन मिलाप’, 720 मजदूरों को विमान से पहुंचा रहे घर
कोरोना काल में देश में महाराष्ट्र सबसे ज्यादा प्रभावित प्रदेश है। जहां कोरोना के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं। यहां की आर्थिक राजधानी मुंबई में फिल्मी सितारों का कब्जा रहता है। लेकिन यहां सबसे ज्यादा प्रवासी मजदूर रोजगार पाते हैं। लॉक डाउन के चलते काफी प्रवासी मजदूर अभी भी महाराष्ट्र खासकर मुंबई में फंसे हुए हैं।
गौरतलब है कि प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाने के लिए अभिनेता सोनू सूद दिन रात मेहनत कर रहे हैं। सोनू सूद ने करीब 17000 मजदूरों को उनके घर पहुंचा कर रिकॉर्ड कायम किया है। फिलहाल सोनू सूद के बाद अब सुपरस्टार अमिताभ बच्चन भी प्रवासी मजदूरों की सहायता के लिए आगे आए हैं।

अमिताभ बच्चन ने 720 मजदूरों को उनके घर पहुंचाने का बीड़ा उठाया है। यही नहीं बल्कि बच्चन ने मजदूरों को उनके घर पहुंचाने के लिए बकायदा एक अभियान चलाया है। जिसे ‘मिशन मिलाप’ नाम दिया गया है। इस ‘मिशन मिलाप’ के तहत आज और कल 6 विशेष विमानों के जरिए हजारों मजदूरों को उनके गृह राज्य भेजा जा रहा है। प्रत्येक विमान में 180 यात्रियों को ले जाया जाएगा।
इसकी शुरुआत आज से होगी। आज मुंबई से चार विमान प्रवासी मजदूरों को लेकर उड़ान भरेंगे। यह विमान उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, गोरखपुर, वाराणसी के साथ ही बिहार के पटना के लिए रवाना हो रही है। जबकि दो विमान कल मजदूरों को लेकर उनके घर जाएंगे । कल यह फ्लाइट उत्तर प्रदेश के दो अलग-अलग शहरों के लिए रवाना होंगे।
T 3547 – इस Lockdown के काल में जितना मैंने सीखा, समझा, और जाना , उतना मैं अपने 78 वर्षों के जीवन काल में न सीख सका, न समझ सका और न ही जान सका !
इस सच्चाई को व्यक्त करना , इसी सीख, समझ और जानने का परिणाम है ! 🙏 pic.twitter.com/ofacrb7PiK— Amitabh Bachchan (@SrBachchan) May 30, 2020
अभिनेता अमिताभ बच्चन ने सभी प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंच आते समय एयरपोर्ट टर्मिनल में ही दाखिल होने से पहले उन्हें खाने के सामान गर्ल्स, मास्क और सैनिटाइजर उपलब्ध कराए हैं। जिससे कि सभी प्रवासी मजदूर सुरक्षित अपने घर पहुंच सके।
यह पहली बार नहीं है जब अमिताभ बच्चन प्रवासी मजदूरों को विमान के जरिए उनके गृह राज्य भिजवा रहे हैं, बल्कि इससे पहले भी अमिताभ बच्चन ने प्रवासी मजदूरों को बसों के जरिए उनके गांव तक पहुंचाया है। इस दौरान सुपरस्टार अमिताभ बच्चन ने प्रवासी मजदूरों के खाने-पीने और यात्रा में किसी तरह की समस्याएं ना आए इसका पूरा ध्यान रखा था।
