धीमी पारी के लिए फिर फंसे धोनी

इंग्लैंड के खिलाफ विश्व कप में खेले गए मुकाबले में टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा है। धोनी एक बार फिर मैच के बाद धीमी पारी के लिए दिग्गजों के निशाने पर हैं। हार का ठीकरा कप्तान कोहली ने बल्लेबाजों पर फोड़ा है। 337 रन का पीछा करने उतरी टीम इंडिया की शुरुआत बेहद ही खराब रही और सलामी बल्लेबाज केएल राहुल बिना खाता खोले चलते बने, रोहित शर्मा ने जरूर शतक लगाया।

मध्यक्रम के बल्लेबाजों में कप्तान विराट कोहली ने  66 रन बनाए लेकिन वो इस अर्धशतकीय पारी को शतक में नहीं बदल सके। आलराउंडर हार्दिक पांडिया ने तेज पारी खेलते हुए 45 रनों की पारी खेली। उसके बाद सर्वश्रेष्ठ मैच फिनिशर माने  जाने वाले पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी मैदान पर उतरे। और उनसे जो उम्मीदें थी उन उम्मीदों पर वो खरे नहीं दिखाई दिए और भारत मुकाबला हार गया।

भारत की हार के बाद महेंद्र सिंह धोनी की एक बार फिर से धीमी पारी के लिए आलोचना हो रही है और इस बार कई दिग्गज खिलाड़ी भी इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी ओवरों में धोनी और केदार जाधव की धीमी  पारी पर सवाल उठा रहे हैं। भारत को जीत के लिए 31 गेंदों में 71 रन की दरकार थी, लेकिन धोनी-जाधव की साझेदारी भारत के काम नहीं आई। यहां तक कि ऐसा कभी नहीं लगा कि ये दोनों जीत के लिए खेल रहे हो।

धोनी ने 31 गेंके लोग दों पर 4 चौके और एक छक्का लगाकर 42 रन बनाए। वहीं, जाधव ने 12 गेंद पर महज 13 रन ही जोड़े। उनके इस रवैए से खफा होकर टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और कमेंटेटर सौरव गांगुली ने कहा, ‘आपके पास 5 विकेट हैं फिर भी आप जीत की कोशिश नहीं करते, यह सब माइंड सेट बताता है। इससे पहले अफगानिस्तान के खिलाफ मैच में धोनी की धीमी पारी के लिए सचिन तेंदुलकर ने भी आलोचना की थी।भारत की हार पर राजनीतिक लोग भी कहां पीछे रहने वाले हैं। भारत की इस हार पर महमूबा मुक्ति ने हार की वजह टीम की जर्सी को ठहराया है।

 

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