सांचेज के घर तक पहुंचा भ्रष्टड्ढाचार का तूफान

प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज की पत्नी बेगोना गोमेज को भ्रष्टाचार के मामले में मुकदमे का सामना करना पड़ेगा। अदालत ने उनका पासपोर्ट जमा कराने और देश से बाहर जाने पर रोक लगा दी है। साथ ही सांचेज के कई करीबी सहयोगियों और समाजवादी पार्टी के खिलाफ चल रही जांच ने उनकी सरकार पर  राजनीतिक दबाव बढ़ा दिया है

स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज, जो पिछले करीब आठ वर्षों से देश की राजनीति के सबसे प्रभावशाली चेहरों में हैं, इन दिनों अपने राजनीतिक जीवन के सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हैं। उनकी पत्नी बेगोना गोमेज के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों में मुकदमा चलाने का फैसला और उन्हें देश छोड़ने से रोकने का अदालत का आदेश सांचेज सरकार के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।

स्पेन की एक अदालत ने गोमेज को भ्रष्टाचार, प्रभाव के दुरुपयोग, कारोबारी लेन-देन में भ्रष्टाचार और धन के कथित दुरुपयोग जैसे आरोपों का सामना करने के लिए ट्रायल पर भेजने का आदेश दिया है। अदालत ने उनका पासपोर्ट जमा कराने के साथ उन्हें महीने में दो बार अदालत में पेश होने का निर्देश भी दिया है। गोमेज और सांचेज दोनों ने आरोपों से इनकार किया है। प्रधानमंत्री लगातार इस मामले को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते रहे हैं और इसे विपक्ष तथा सरकार विरोधी ताकतों की साजिश करार देते रहे हैं।

यह मामला 2024 में उस समय सामने आया था जब भ्रष्टाचार विरोधी संगठन ‘मानोस लिम्पियास’ ने गोमेज के खिलाफ प्रभाव के कथित दुरुपयोग की शिकायत दर्ज कराई थी। इस संगठन के दक्षिणपंथी और अति-दक्षिणपंथी हलकों से सम्बंध बताए जाते हैं। आरोप है कि गोमेज ने प्रधानमंत्री की पत्नी होने के अपने प्रभाव का इस्तेमाल मैड्रिड की एक यूनिवर्सिटी में अपने करियर को आगे बढ़ाने के लिए किया। हालांकि अभी आरोप साबित नहीं हुए हैं और मामला न्यायिक प्रक्रिया में है।

मामले ने तब असाधारण राजनीतिक रूप ले लिया था जब सांचेज ने 2024 में कुछ दिनों के लिए अपने सार्वजनिक दायित्वों से दूरी बनाकर यह विचार किया था कि उन्हें प्रधानमंत्री पद पर बने रहना चाहिए या नहीं। बाद में उन्होंने पद पर बने रहने का फैसला किया।

अब अदालत के ताजा आदेश ने विवाद को फिर केंद्र में ला दिया है। स्पेन के न्याय मंत्री फेलिक्स बोलान्योस ने अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह न्याय में विश्वास रखने वाले लोगों के लिए बेहद खराब दिन है और अंततः सत्य की जीत होगी। दूसरी ओर, आलोचकों ने सवाल उठाया है कि गोमेज पर देश छोड़ने की रोक लगाने जैसा कदम कितना आवश्यक था क्योंकि उन्हें पहले से पुलिस सुरक्षा प्राप्त है।

स्पेन के प्रमुख अखबार एल पाइस ने भी न्यायिक प्रक्रिया के तौर- तरीकों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूरे मामले में अत्यधिक कठोर कदम उठाए गए हैं और मीडिया का अधिकतम ध्यान आकर्षित करने की कोशिश दिखाई देती है। अखबार ने न्याय व्यवस्था से निष्पक्षता और संयम की अपेक्षा जताई है लेकिन सांचेज के लिए समस्या केवल उनकी पत्नी तक सीमित नहीं है। उनके राजनीतिक और व्यक्तिगत घेरे के कई महत्वपूर्ण लोगों पर अलग-अलग मामलों में जांच चल रही है। उनकी सोशलिस्ट पार्टी के मुख्यालय पर पुलिस ने छापा मारा है। उनके पूर्व सहयोगी और पूर्व परिवहन मंत्री जोसे लुइस अबालोस पर कोविड महामारी के दौरान मास्क खरीद में कथित कमीशन लेने का आरोप है। पूर्व प्रधानमंत्री जोसे लुईस रोड्रिगेज जापा तेरो का नाम भी एक अलग मामले में आया है, जिसमें संगठित अपराध, प्रभाव के दुरुपयोग और दस्तावेजों में हेरा-फेरी के आरोपों की जांच हो रही है। जापा तेरो ने भी किसी गलत काम से इनकार किया है।

सांचेज के भाई डेविड भी एक अलग मामले में मुकदमे का सामना कर रहे हैं। उन पर करीब नौ वर्ष पहले एक पद पर नियुक्ति में कथित प्रभाव के इस्तेमाल का आरोप है।

महत्वपूर्ण बात यह है कि इनमें से किसी भी मामले में प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज को आरोपी नहीं बनाया गया है लेकिन राजनीतिक रूप से इन मामलों का असर उनकी सरकार पर पड़ रहा है। सांचेज की सरकार पहले से ही संसद में स्पष्ट बहुमत के बिना चल रही है और उसे क्षेत्रीय तथा अलगाववादी दलों के समर्थन पर निर्भर रहना पड़ता है। सबसे बड़ा राजनीतिक झटका पिछले सप्ताह सोशलिस्ट पार्टी के मुख्यालय पर पुलिस की कार्रवाई से लगा। जांच इस बात पर केंद्रित है कि क्या पार्टी के धन का इस्तेमाल ऐसे पत्रकार को भुगतान करने के लिए किया गया था जो पार्टी नेताओं और उनके सहयोगियों के खिलाफ दर्ज कानूनी शिकायतों की आलोचना कर रहा था।

मुख्य विपक्षी दल पीपुल्स पार्टी के नेता अल्बर्टो नूनेज फेइखो ने सांचेज सरकार को ‘मृत्युशैया’ पर बताया है और उनके इस्तीफे की मांग की है। दूसरी ओर, सरकार में शामिल कुछ छोटे दल भी अब असहज दिखाई दे रहे हैं। बास्क क्षेत्र की एक सहयोगी पार्टी ने सरकार की स्थिरता पर सवाल उठाए हैं जबकि वामपंथी सहयोगी सुमार ने पार्टी के धन के किसी भी अवैध इस्तेमाल को स्वीकार न करने की चेतावनी दी है।
सांचेज के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि उनकी सरकार की राजनीतिक जमीन पहले से कमजोर है। क्षेत्रीय चुनावों में सोशलिस्ट पार्टी को झटके लगे हैं और विपक्ष लगातार भ्रष्टाचार के मामलों को प्रधानमंत्री की राजनीतिक विश्वसनीयता से जोड़ रहा है। फिर भी सांचेज के पास तत्काल सत्ता से बाहर होने का कोई सीधा खतरा नहीं है। स्पेन की संसदीय व्यवस्था में प्रधानमंत्री को केवल तभी हटाया जा सकता है जब संसद किसी दूसरे नेता के पक्ष में बहुमत साबित करे। मौजूदा बंटी हुई संसद में विपक्षी नेता फेइखो के लिए यह आसान नहीं है क्योंकि कई क्षेत्रीय और अलगाववादी दल पीपुल्स पार्टी का समर्थन करने के लिए तैयार नहीं हैं।

अगला आम चुनाव अगस्त 2027 तक होना है लेकिन राजनीतिक अस्थिरता के कारण उससे पहले चुनाव की सम्भावना से इनकार नहीं किया जा रहा है। मौजूदा सर्वेक्षणों में विपक्षी पीपुल्स पार्टी को बढ़त मिलती दिखाई दे रही है और उसके लिए दक्षिणपंथी वाॅक्स पार्टी के साथ बहुमत बनाना सम्भव माना जा रहा है।
सांचेज के लिए फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि वे न्यायिक मामलों की इस बढ़ती श्रृंखला और कमजोर होते गठबंधन के बीच कितने समय तक सरकार चला पाते हैं। उनकी राजनीतिक शैली अब तक संकटों से निकलने और विरोधी दलों को मात देने की रही है लेकिन इस बार संकट केवल संसद में नहीं बल्कि उनके सबसे करीबी राजनीतिक और पारिवारिक घेरे तक पहुंच चुका है। स्पेन की राजनीति में अब असली लड़ाई केवल सांचेज सरकार के भविष्य की नहीं बल्कि इस बात की भी है कि न्यायिक जांच और राजनीतिक संघर्ष के बीच प्रधानमंत्री अपनी सत्ता और विश्वसनीयता दोनों को कैसे बचा पाते हैं।

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