व्यक्ति की निजता सर्वोच्च:जस्टिस दीपक मिश्रा

व्यक्ति की निजता सर्वोच्च:जस्टिस दीपक मिश्रा

प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘मेरा घर मेरा महल है,  मुझे मेरे घर में आप कैसे परेशान कर सकते हैं। वकील हो या कोई और आपको मेरे से अप्वाइंटमेंट लेना होगा। मेरा समय मेरा है और मेरी जिंदगी मेरी जिंदगी है।’प्रधान न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा ने गुरुवार को एमसी सीतलवाड़ मेमोरियल लेक्चर में  अपनी बात राखी कि व्यक्ति की निजता सर्वोच्च होती है और उसे भंग नहीं किया जाना चाहिए।  जस्टिस दीपक मिश्रा ने कहा, वह हमेशा मानते हैं कि निजता एक संवैधानिक अवधारणा और एक ऐसा क्षेत्र है जहां मानवाधिकार और उनका कार्यान्वयन संवैधानिक अधिकारों से टकराते हैं

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