मायावती संग बढ़ती दूरी

देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस 2019 में हर कीमत पर भाजपा के खिलाफ महागठबंधन बनाने का प्रयास कर रही है। अधिक विधायक होने के बावजूद कर्नाटक में जद (सेक्युलर) के नेतृत्व में सरकार बनाने के पीछे यही रणनीति रही है। एचडी कुमारस्वामी के शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी का बसपा प्रमुख मायावती संग सार्वजनिक सद्भाव प्रदर्शन भी इसी रणनीति के चलते दिखा था। लेकिन बहिन जी कांग्रेस को खास तरजीह देने के मूड में नहीं दिख रही हैं। कांग्रेस बसपा संग राष्ट्रीय स्तर पर तालमेल कर चुनाव लड़ने के लिए मायावती को मनाने में जुटा है। राजस्थान, छत्तीसगढ़, और मध्य प्रदेश के लिए गठबंधन पर मायावती कांग्रेस को फिलहाल सकारात्मक जवाब ना देकर तीसरे मौर्चे के नेताओं से मुलाकात कर रही हैं। छत्तीसगढ़ में बहिन जी कांग्रेस के बागी नेता अजीत जोगी के संपर्क में र्हैं। कांग्रेस बहिन जी के इस बर्ताव से खासी आहत बताई जा रही है। खबर यह भी है कि स्वयं कांग्रेस अध्यक्ष इस बाबत पहल कर बहिन जी से मुलाकात कर सकते हैं।

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