योशिरो मोरी ने किया दावा , तय समय पर ही होंगे टोक्यो ओलंपिक

कोरोना महामारी से जूझ रहे जापान में इसी साल 23 जुलाई से  होने वाले टोक्यो ओलंपिक को लेकर बड़ी खबर आ रही है।दरअसल जापान में कोरोना के नए स्ट्रेन से पूरे  देश में कोहराम मचा हुआ है ऐसे में यह सवाल उठना लाजमी है कि टोक्यो ओलंपिक अपने खेल तय समय पर हो पाएंगे या नहीं ? या फिर रद्द हो जायेंगे। इस सवाल पर ब्रेक लगाते हुए टोक्यो ओलंपिक समिति के अध्यक्ष योशिरो मोरी ने जापान के सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्यों से कहा है कि ओलंपिक आयोजन अपने तय समय पर ही होंगे।

जापान के पूर्व प्रधानमंत्री रह चुके मोरी ने सांसदों से कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोरोना वायरस की क्या स्थिति होगी, हम खेल आयोजित जरूर  करेंगे। खेलों का आयोजन होगा या नहीं इस बात को छोड़कर हमें यह चर्चा करनी चाहिए कि हम इसका आयोजन कैसे करेंगे।ओलंपिक के रद्द होने की संभावना से जुड़ी खबरों के बीच मोरी और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के प्रमुख थॉमस बॉक ने कई बार इसके आयोजन को लेकर सकारात्मक बयान दिया है।

आईओसी ने दावा किया था कि ओलंपिक का आगाज 23 जुलाई से 11हजार एथलीटों और 10 हजार से अधिक जजों, अधिकारियों, मीडिया, प्रसारणकर्ताओं, प्रायोजकों और महत्वपूर्ण व्यक्तियों की मौजूदगी में होगा। तो पैरालंपिक का आयोजन 24 अगस्त से होगा जिसमें 4 हजार 400 खिलाड़ी भाग लेंगे।

जापानी प्रधानमंत्री सुगा 23 जुलाई से शुरू होने वाले ओलंपिक और कोरोना वायरस की तीसरी लहर के बीच संघर्ष कर रहे हैं। जापान की मौजूदा सरकार अपने समर्थन में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। टेलीफोन द्वारा किए गए सर्वे में 80 फीसद उत्‍तरदाताओं ने कोरोना वायरस के प्रकोप में आपातकाल की स्थिति घोषित करने की गति बहुत धीमी थी। उधर, आलोचकों का कहना है कि प्रधानमंत्री सुगा ने घरेलू पर्यटन को बंद करने में बहुत समय लगाया। उनकी इस उदासीनता के कारण वायरस के प्रसार तेजी से हुआ। यह वायरस प्रसार का बड़ा कारण माना गया।पर्यटन पर रोक नहीं लगने के कारण कोरोना के मरीजों की संख्या  में तेजी से उछाल  आया ।  उधर सरकार का कहना है कि संक्रमण के आंकड़ों के आधार पर घरेलू पर्यटन पर फैसला उचित था।