मणिपुर में हिंसा दो लोगों की मौत

मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में एक पुलिस कांस्टेबल के सस्पेंड प्रकरण पर सैकड़ों लोगों की भीड़ ने स्थानीय एसपी और पुलिस उपायुक्त ऑफिस पर हमला बोल दिया है। भीड़ ने वहां पर पथराव किया और एक बस सहित कई गाड़ियों में आग लगा दी। सुरक्षाबलों ने जवाबी फायरिंग की इसमें 2 लोगों की मौत हो गई जबकि 40 से ज्यादा लोग घायल हैं।
कुकी संगठन आईटीएलएफ ने पूरे जिले में बंद की घोषणा की है। चुराचांदपुर कुकी एक जनजाती बहुल क्षेत्र है। यह राजधानी इम्फाल से 65 किलोमीटर दूर है। मणिपुर में मई 2023 में शुरू हुई हिंसा में चुराचांदपुर सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में से एक था।

मणिपुर पुलिस के अनुसार हेड कांस्टेबल श्यामलाल पॉल का एक वीडियो सामने आया था। इसमें वह हथियारबंद बदमाशों के साथ दिखाई दिए थे। हेड कांस्टेबल ने बदमाशों के साथ बंकर में सेल्फी भी ली थी, जो वायरल हो गई। इसके श्यामलाल पॉल सस्पेंड कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हेड कांस्टेबल को गलत तरीके से निलंबित किया गया है। उन्होंने श्यामलाल पॉल को वापस बहाल करने की मांग की। कुकी ने इस हिंसा के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहराते हुएकहा कि आज रात की घटना के लिए चुराचांदपुर एसपी पूरी तरह से जिम्मेदार हैं। कुकी का आरोप है कि राज्य पुलिस की मिलीभगत से बार-बार उनके गांवों पर हमले हो रहे हैं। पुलिस ने इन आरोपों का खंडन किया और ग्राम रक्षा स्वयंसेवकों (विलेज डिफेंस वॉलेंटियर्स) को बढ़ावा देने में कुकी-जो उपद्रवियों के शामिल होने की बात कही। गौरतलब है कि तेरह फरवरी को पुलिस ट्रेनिंग सेंटर-आईआरबी पोस्ट पर भी हमला हुआ।