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रामदेव के खिलाफ उत्तराखंड में दी गई तहरीर, कोरोना मामले में किया भ्रमित प्रचार

योग गुरु बाबा रामदेव न्यूज़ चैनल आज तक पर एक कार्यक्रम ‘एजेंडा’ के तहत कोरोना पर किए गए प्रचार से फंसते हुए नजर आ रहे हैं। बाबा रामदेव ने न्यूज़ चैनल आज तक पर इस कार्यक्रम में गत 25 अप्रैल को कहा था कि सरसों के तेल को नाक में डालने से करोना भाग जाएगा। इसी के साथ बाबा रामदेव ने एक मिनट तक सांस रोके रखने को ‘सेल्स टेस्टिंग’ करार देते हुए कहा था कि एक मिनट तक जिस व्यक्ति की सांस रुक जाएगी, समझो उसे कोरोना नहीं है।

 

इन सब बातों को भ्रामक और जनता को अंधेरे में रखने वाली बात कहकर उत्तराखंड के जिला नैनीताल के रामनगर निवासी एक समाजसेवी ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। समाजसेवी और समाजवादी लोकमंच के संयोजक मुनीष कुमार ने बाबा रामदेव के खिलाफ कोरोना पर भ्रामक प्रचार करने का दावा करते हुए रामनगर कोतवाली में एक तहरीर दी है।

Munish Kumar
मुनीष कुमार

जिसमें उन्होंने कोतवाली रामनगर के इंचार्ज से कहा है कि बाबा रामदेव पर डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट 2005 के तहत मुकदमा दर्ज कराया जाए। इस एक्ट के तहत महामारी को लेकर कोई गलत धारणा फैलाने और भ्रामक प्रचार करने पर अपराध माना जाता है। फिलहाल इस मामले पर सबकी नजर लगी हुई है। जबकि नैनीताल जिले के रामनगर कोतवाली के इंचार्ज रविंद्र सैनी का कहना है कि उनके पास मुुुमुनीश कुुमार की तहरीर आई है।  जिसकी वह जांच कर रहे हैं। उसके बाद ही वह तय कर पाएंगे कि मामला दर्ज होता है या नहीं।

रामदेव के खिलाफ उत्तराखंड में दी गई तहरीर, कोरोना मामले में किया भ्रमित प्रचार

गौरतलब है कि कोरोना महामारी को लेकर तरह-तरह की बातें सामने आ रही हैं। जिसमें सरकार ने स्पष्ट किया है कि कोई भी व्यक्ति अगर भ्रामक प्रचार करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसी के तहत एक तांत्रिक बाबा पर मामला दर्ज हो चुका है। यह तांत्रिक बाबा कोयले से कोरोना भगाने का दावा करता था। इसी के साथ ही महाराष्ट्र में एक अधिकारी पर मामला दर्ज किया गया है।

पूरे देश में अब तक करीब 5 दर्जन मामले ऐसे लोगों पर ही दर्ज किए जा चुके हैं जो कोरोना महामारी पर मिथ्यापूर्ण और भ्रामक प्रचार कर रहे थे। ऐसे में अब यह देखना जरूरी है कि केंद्र सरकार के खास माने जाने वाले बाबा रामदेव पर रामनगर पुलिस मामला दर्ज करती है या मामला रफा-दफा कर दिया जाएगा।

समाजवादी लोकमंच के संयोजक मुनीश कुमार ने रामनगर कोतवाली के प्रभारी को लिखित तहरीर में कहा है कि देश इस समय कोरोना महामारी से जूझ रहा है। इस कोरोना महामारी के बीच रामकृष्ण यादव उर्फ बाबा रामदेव द्वारा दिनांक 25 अप्रैल को दिन में 12 बजे से वेबसाइट m.aajtak.in के ई एजेन्डा आज तक में बाबा रामदेव ने दिए इम्युनिटी बढ़ाने के रामबाण टिप्स के अंर्तगत 24.43 मिनट का एक कार्यक्रम प्रसारित किया था। इस कार्यक्रम के चलते हुए लगभग 5 मिनट बाद रामकृष्ण यादव उर्फ बाबा रामदेव द्वारा कोरोना को लेकर बेहद भ्रामक व जनता को गुमराह करने वाले आत्मघाती नुस्खे बताएं गए हैं।

इस कार्यक्रम में रामकृष्ण यादव उर्फ बाबा रामदेव द्वारा कहा गया है कि सांस को अंदर भरकर, रोककर, यथाशक्ति फिर बाहर छोड़ना है, सेल्फ टेस्टिंग भी हो जाती है। हायपर टेंशन, हार्ट प्राबलम वाले, अस्थमा वाले, क्रोनिक डिजीज वाले जो बुर्जुग हैं वो आधा मिनट तक और जबान हैं 1 मिनट तक साँस को होल्ड करके रख लेते हैं. इसका मतलब आपको कोरोना नहीं है।

उन्होंने दावा किया है कि अनुलोम-विलोम के साथ आप सरसों का तेल नाक में डाल दें तो पूरी सांस नली में कहीं भी कोरोना हो तो वह पेट में चला जाएगा। और वहां पेट के केमिकल उसे मार देंगे। जैसे हैंड वाश, सेनेटाइजर और साबनु का घोल कोरोना को मारता है। वैसे ही पेट के नेचुरल केमिकल कोरोना को मार देंगे।

रामकृष्ण यादव उर्फ बाबा रामदेव द्वारा आज तक के माध्यम से किए गये उक्त दावों की पुष्टि न तो दुनिया के चिकित्सीय अनुसंधान करते हैं और न ही इसकी पुष्टि इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च आईसीएमआर द्वारा की गई है।

रामकृष्ण यादव उर्फ बाबा रामदेव पुत्र श्री रामनिवास यादव एजेन्डा आज तकः के माध्यम से कोरोना को लेकर जनता के बीच में मिथ्या धारणाएं व भ्रम को पैदा कर रहे हैं। इस सबके कारण कोई भी व्यक्ति कोरोना के लक्षण होने पर सांस रोककर स्वयं जांच करने व नाक में सरसों का तेल डालने जैसे आधारहीन नुस्खे अपनाकर न केवल स्वयं अपने आप को नुकसान पहुचा सकता है बल्कि इस गलत जानकारी के कारण वर्तमान देशव्यापी महामारी के दौरान कोरोना संक्रमण को फैलाने का कारण भी बन सकता है।

https://www.youtube.com/watch?v=gnxSw21XYbw&feature=youtu.be

मुनीश कुमार का कहना है कि रामकृष्ण यादव उर्फ बाबा रामदेव और ‘आज तक’ अपने व्यापारिक लाभ के लिए इस तरह का भ्रामक प्रचार कर जनता को गमुराह रहे हैं। रामकृष्ण यादव उर्फ बाबा रामदेव व ‘आज तक’ द्वारा प्रसारित उक्त कार्यक्रम देश के स्थापित कानून डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट, 2005 र्व आइपीसी आदि का खुला उल्लंघन है। इसलिए बाबा रामदेव अंतर आज तक के संपादक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।