सौहार्द की मिसाल, जब ‘राम’ के पहरेदार बने ‘रहीम’
दोस्ताना इतना बरकरार रखो कि, मजहब बीच में न आए कभी, तुम उसे मंदिर तक छोड़ दो , वो तुम्हें मस्जिद छोड़ आए कभी। दिल्ली के न्यू मुस्तफाबाद में उक्त … Read More
दोस्ताना इतना बरकरार रखो कि, मजहब बीच में न आए कभी, तुम उसे मंदिर तक छोड़ दो , वो तुम्हें मस्जिद छोड़ आए कभी। दिल्ली के न्यू मुस्तफाबाद में उक्त … Read More