आक्रोश का बिहार
सेनानी करो प्रयाण अभय, भावी इतिहास तुम्हारा है,ये नखत अमाँ के बुझते हैं, सारा आकाश तुम्हारा है। रामधारी सिंह दिनकर की कविता की यह पंक्ति आज के परिपक्ष पर बुल्कुल … Read More
सेनानी करो प्रयाण अभय, भावी इतिहास तुम्हारा है,ये नखत अमाँ के बुझते हैं, सारा आकाश तुम्हारा है। रामधारी सिंह दिनकर की कविता की यह पंक्ति आज के परिपक्ष पर बुल्कुल … Read More