….. राज बड़े गहरे हैं
मेरी बात बेनकाब चेहरे हैं, दाग बड़े गहरे हैं टूटता तिलिस्म आज, सच से भय खाता हूं गीत नहीं गाता हूं लगी कुछ ऐसी नज़र, बिखरा शीशे सा शहर अपनों … Read More
मेरी बात बेनकाब चेहरे हैं, दाग बड़े गहरे हैं टूटता तिलिस्म आज, सच से भय खाता हूं गीत नहीं गाता हूं लगी कुछ ऐसी नज़र, बिखरा शीशे सा शहर अपनों … Read More