इंदिरा पर निर्दयी और पाखंडी होने का आरोप
पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-74 पत्रकार रोमेश थापर को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने अपने इस निर्णय की बाबत कहा ‘गरीबी अमूर्तता नहीं है। इसका अर्थ भौतिक वस्तुओं रोटी, कपड़ा और … Read More
पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-74 पत्रकार रोमेश थापर को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने अपने इस निर्णय की बाबत कहा ‘गरीबी अमूर्तता नहीं है। इसका अर्थ भौतिक वस्तुओं रोटी, कपड़ा और … Read More
पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-68 पांच दिसंबर, 1947 को उन्होंने नेहरू को लिखे पत्र में कहा-‘Lucknow goes along its own deary way, getting gradually more and more narrow-minded. What a peculiar … Read More