…..तो आजादी की खैर नहीं

मेरी बात जनकवि गोरख पाण्डे ने ‘वतन का गीत’ कविता में एक आदर्श राष्ट्र की कल्पना करते हुए लिखा था- हमारे वतन की नई जिंदगी हो/नई जिंदगी एक मुकम्मल खुशी … Read More