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सुप्रीम कोर्ट का केंद्र को जजों की नियुक्ति पर अल्टीमेटम

देश में काॅलेजियम के जरिए जजों की नियुक्ति के मुद्दे पर न्यायपालिका और कार्यपालिका दोनों एक-दूसरे पर खुलकर बयानबाजी कर रहे हैं। इस बीच सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी के बाद केंद्र सरकार ने कहा है कि पांच दिनों के भीतर ही 5 जजों की नियुक्ति कर दी जाएगी।

दरअसल, हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में जजों की नियुक्ति में हो रही देरी पर एडवोकेट्स एसोसिएशन बेंगलुरु द्वारा एक याचिका डाली गई थी। जिसकी सुनवाई आज यानी 3 फरवरी को हुई। केस की अगली सुनवाई 13 फरवरी को होगी।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाईकोर्ट जजों के ट्रांसफर की सिफारिशों को मंजूरी देने में हो रही देरी पर नाराजगी जाहिर की गई है। कोर्ट ने सरकार से कहा कि ये बेहद गंभीर मुद्दा है। हमें ऐसा फैसला लेने पर विवश न करें, जिससे परेशानी खड़ी हो। इस पर अटॉर्नी जनरल ने कहा कि पांच जजों की नियुक्ति के लिए कॉलेजियम की सिफारिश जल्द ही मंजूर हो जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की ओर से 13 दिसंबर को सरकार से 5 नामों की सिफारिश की गई थी। इनमें जस्टिस पंकज मिथल चीफ जस्टिस राजस्थान HC, जस्टिस संजय करोल चीफ जस्टिस पटना HC, जस्टिस पी वी संजय कुमार चीफ जस्टिस मणिपुर HC, पटना हाईकोर्ट के जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और इलाहाबाद HC के जस्टिस मनोज मिश्रा का नाम शामिल था।

वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में जजों की सेंशन स्ट्रेंथ CJI समेत 34 है। फिलहाल कोर्ट 27 जजों के साथ काम कर रहा है। पांचों जजों के शपथ लेने के बाद यह संख्या 32 हो जाएगी।