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सोनिया गांधी ने सर्वदलीय बैठक में पूछे तीखे सवाल, PM बोले- हमारी सीमा में कोई नहीं घुसा

लद्दाख में भारत-चीन के बीच जारी विवाद और हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए। इसको लेकर देशभर में गुस्सा है। इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने और उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने केंद्र सरकार से पूछा कि गैलवान घाटी में जो कुछ भी हुआ क्या वह इंटेलिजेंस फेल्योर था। देश जब्त किए गए इलाके को मुक्त करने का आश्वासन चाहता है। सरकार को यह बैठक पहले बुलानी चाहिए थी।

सोनिया गांधी ने कहा, “हम सरकार से यह स्पष्ट आश्वासन चाहेंगे कि पूरे सीमा क्षेत्र में पहले की यथास्थिति हर हालत में सुनिश्चित होगी। चीन पहले की तरह वास्तविक नियंत्रण रेखा पर पुरानी स्थिति में अपनी सेना की वापसी करेगा। उन्होंने कहा कि असल में इतना समय गुजर जाने के बाद भी इस संकट के अनेक महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में हमें अंधेरे में रखा गया है।”

अध्यक्ष सोनिया गांधी आगे कहा, “कांग्रेस पार्टी का यह मानना है कि 5 मई से लेकर 6 जून के बीच का बहुमूल्य समय हमने गंवा दिया, जब दोनों देशों के कोर कमांडर्स की बैठक हुई। 6 जून की इस बैठक के बाद भी, चीन के नेतृत्व से राजनैतिक ओर कूटनीतिक स्तरों पर सीधे बात क्यों नहीं की गई। हम सभी मौकों का लाभ उठाने में नाकाम रहे। आज नतीजा यह है कि हमारे 20 बहादुर जवानों की दर्दनाक शहादत हुई और अनेकों घायल हुए।”

कांग्रेस अध्यक्ष ने पूछा, “क्या सरकार को बॉर्डर की सैटेलाइट से तस्वीरें नहीं मिलती हैं। क्या खुफिया एजेंसियों ने बॉर्डर पर हो रही हलचल की जानकारी नहीं दी। क्या मिलिट्री इंटेलिजेंस ने सरकार को एलएसी के पास उनकी सीमा में या भारतीय सीमा की तरफ चीन द्वारा सेना को जुटाने की जानकारी नहीं दी थी। क्या यह एक खुफिया विभाग की नाकामी है।”

वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारी सभी पोस्ट सुरक्षित हैं। न वहां कोई हमारी सीमा में घुसा हुआ है, न ही हमारी कोई पोस्ट किसी दूसरे के कब्जे में है। आज हमारे पास ये क्षमता है कि कोई भी हमारी एक इंच जमीन की तरफ आंख उठाकर भी नहीं देखे। उन्होंने आगे कहा कि लद्दाख में हमारे 20 जांबाज शहीद हुए, लेकिन जिन्होंने भारत माता की तरफ आंख उठाकर देखा था, उन्हें वो सबक सिखाकर गए।

उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर, चीन द्वारा एलएसी पर जो किया गया है, उससे पूरा देश आहत है, आक्रोशित है। ये भावना हमारी इस चर्चा के दौरान भी आप सबके माध्यम से बार-बार दिखाई दी है। इस कारण जिन क्षेत्रों पर पहले बहुत नजर नहीं रहती थी, अब वहां भी हमारे जवान अच्छी तरह से मॉनिटर कर पा रहे हैं। अब तक जिनको कोई पूछता नहीं था, कोई रोकता-टोकता नहीं था, अब हमारे जवान डगर-डगर पर उन्हें रोकते हैं, टोकते हैं तो तनाव बढ़ता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जल, थल और नभ में देश की रक्षा के लिए हमारे सशस्त्र बलों को जो कुछ भी करना होगा, वे करेंगे। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में देश ने अपनी सीमाओं को सुरक्षित करने के लिए बॉर्डर एरिया में इंफ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट को प्राथमिकता दी है। नए बने हुए इंफ्रास्ट्रक्चर की वजह से खासकर एलएसी में अब हमारी पेट्रोलिंग की क्षमता भी बढ़ गई है।