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जाम्बिया से बेटे ने दी अपने मां के अपार्टमेंट में फंसे होने की सूचना, मसीहा बनकर पहुंची पुलिस

पूरे देश में कोरोना का संक्रमण बढ़ता ही जा रहा है। जिसको रोकने के लिए लॉकडाउन लागू है। अभी लॉक डाउन बढ़ाने की भी बात की जा रही है। कई राज्यों में 30 अप्रैल तक बढ़ा दी गई है। इस लॉकडाउन को बनाए रखने की जिम्मेदारी पुलिस की है। पुलिस दिन-रात एक की हुई है। कभी सख्त रूप लेकर तो कभी प्यार दिखाकर। कई-कई दिनों तक अपनी फैमिली से दूर रहकर अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। पुलिस लॉकडाउन के समय में कई परिवारों के लिए मसीहा बनकर आ रही है। ऐसा ही एक मामला दिल्ली के ग्रेटर कैलाश से सामने आया है। जहां पुलिस के काम को खूब सराहा जा रहा है।

दरअसल, ग्रेटर कैलाश में एक 82 वर्ष की बुजुर्ग महिला अपने पति के साथ रहती है। महिला के दो बेटे हैं। एक बेटा जांबिया में रहता है, वहीं दूसरा बेटा भारतीय सेना में है। महिला के पति हाल ही में इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं। वृद्ध महिला अकेली रह रही थी। वृद्ध महिला के अपार्टमेंट की लिफ्ट काफी समय से खराब थी। जिसके कारण वो अपने पति से मिलने अस्पताल में भी नहीं जा पा रही थी। यहां तक कि उन्हें रोजमर्रा की जरूरतों के लिए सामान भी मुहैया नहीं हो पा रहा था।

जिसे जान जाम्बिया में रहने वाले बेटे ने ग्रेटर कैलाश के एसएचओ को फोन किया कि उसकी मां घर में अकेले रह रही है। उसे तत्काल मदद की जरूरत है। बीट इंचार्ज एचसी रवींद्र को जैसे ही फोन पर सूचना मिली, वे तत्काल ग्रेटर कैलाश स्थित अपार्टमेंट पहुंचे। लिफ्ट की मेंटिंनेंस कंपनी से संपर्क किया और लिफ्ट को ठीक करवाया। अपार्टमेंट के लोग पुलिस की ओर से मिली इस मदद के लिए बहुत सराहा। साथ ही बुजुर्ग मां और बेटे ने उन्हें शुक्रिया कहा। उनका कहना कि पुलिस के पास अभी कई काम है। उसके बाद भी वो मदद के लिए आएं और लिफ्ट भी ठीक करवाया।