सैफ अली ने कहा- ‘तानाजी’ में जो दिखाया गया है, वह इतिहास का हिस्सा नहीं
फिल्म तानाजी: द अनसंग वारियर, वीर योद्धा तानाजी की कहानी है, जिन्होंने अपने राज्य के सपने को पूरा करने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी। अजय देवगन की फिल्म ‘तानाजी: अनसंग वॉरियर’ 2020 की पहली सुपरहिट फिल्म बन चुकी है। फिल्म का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन शुरू के 10 दिनों में 166 करोड़ को पार चुका है।
लेकिन फिल्म को लेकर एक नया विवाद पैदा हो गया है। इस फिल्म में विलेन का रोल निभाने वाले सैफ अली खान ने रविवार को एक इंटरव्यू में कहा कि तानाजी में जो दिखाया गया है, वह इतिहास का हिस्सा नहीं है। उन्होंने ऐतिहासित तथ्यों से छेड़छाड़ को लेकर कहा इस फिल्म में मेरा रोल दिलचस्प था और कुछ वजहों से मैं स्टैंड नहीं ले पाया, हो सकता है कि अगली बार करूं।

सैफ ने कहा, “मेरा मानना है कि इंडिया की अवधारणा अंग्रेजों ने दी और शायद इससे पहले नहीं थी। इस फिल्म में कोई ऐतिहासिक तथ्य नहीं है। हम इसे लेकर कोई तर्क नहीं दे सकते। यह दुर्भाग्य ही है कि कलाकार उदारवादी विचार की वकालत करते हैं। लेकिन वो लोकप्रियतावाद से बाज नहीं आते। यह अच्छी स्थिति नहीं है लेकिन सच्चाई यही है।”
सैफ ने इस बात को स्वीकार किया है कि तानाजी में इतिहास की गलत व्याख्या की गई है। सैफ अली खान, काजोल और अजय देवगन के अलावा फिल्म में शरद केलकर ने शिवाजी, ल्यूक केनी ने औरंगजेब, पद्मावती राव ने जीजा बाई, देवदत्ता नागे ने सूर्याजी मालुसरे ने अपने किरदारों को बखूबी निभाया है।

तानाजी के किरदार में अजय देवगन ने अच्छा काम किया है। एक शातिर और निष्ठावान योद्धा जो अपने देश और शिवाजी महाराज के लिए कुछ भी कर सकता है। इस रोल को अजय देवगन ने बढ़िया निभाया है, लेकिन कहीं-न-कहीं आपको उन्हें देखकर बाजीराव सिंघम की याद भी आएगी।
