बागी बनी अदिति जाएगी भाजपा में,कांग्रेस की रायबरेली रियासत खतरे में
अदिति सिंह को राजनीति में लाने का श्रेय प्रियंका गांधी को जाता है। लेकिन अब अदिति सिंह ने उन्हीं से खुली बगावत का ऐलान कर दिया है। 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती के दिन लखनऊ में प्रियंका गांधी की अगुवाई में कांग्रेस का मार्च था। जिसको लेकर कांग्रेस ने ह्विप भी जारी किया था। वहीं दूसरी ओर योगी सरकार की ओर से 36 घंटे तक चलने वाला विधानसभा सत्र बुलाया गया जिसका समूचे विपक्ष ने बायकॉट किया। लेकिन अदिति सिंह ने अपनी पार्टी की ह्विप को नजरंदाज कर विधानसभा सत्र में हिस्सा लिया। जब इस पर उनसे सवाल किया गया तो सीधा कोई जवाब देने के बजाए उन्होंने कहा कि मुझे जो ठीक लगा वो मैंने किया। पार्टी का क्या निर्णय होगा मुझे नहीं मालूम। मैं पढ़ी-लिखी युवा एमएलए हूं। विकास का मुद्दा बड़ा मुद्दा है। यही गांधी जी को सच्ची श्रद्धांजलि है।


खुद कांग्रेस ने भी इस विधानसभा सत्र का बहिष्कार किया था। लेकिन विधायक अदिति सिंह के इस बयान से ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस की सारी उम्मीदों पर पानी फिर गया हो। वहीं विधानसभा सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार के कामकाजों का गुणगान किया। इस दौरान सीएम योगी ने विपक्षी पार्टियों पर जमकर निशाना साधा।


उन्होंने साल 2012 के चुनावों से पहले पीस पार्टी जॉइन की थी। इस दौरान वह गांधी परिवार को जमकर कोसते थे। कहा जाता है कि अखिलेश सिंह का खौफ ऐसा था कि कांग्रेसी उनके डर से पोस्टर भी नहीं लगा पाते थे। हलाकि बाद में अखिलेश कांग्रेस में शामिल हो गए थे।

लेकिन अखिलेश सिंह के गुजरने के बाद प्रतिद्वंदी उनकी बेटी अदिति पर हमलावर हो गए है। गत 13 मई को कांग्रेस विधायक अदिति सिंह के काफिले पर लोगों ने पीछा कर हमला कर दिया। इस हमले में विधायक अदिति सिंह की कार पलट गई। विधायक की कार समेत उनके काफिले की तीन अन्य गाड़ियां भी पलट गई। इससे अदिति सिंह समेत कई नेताओं को चोटें आई थी। इसके बाद अदिति सिंह को भय सताने लगा था। यही डर शायद अदिति कोप अब भाजपा की और जाने को मजबूर कर रहा है।
