कृषि कानूनों को लेकर एक बार फिर केंद्र पर हमलावर हुए राहुल
दो महीने पहले मानसून सत्र में भारी विरोध -प्रदर्शनो के बावजूद केंद्र सरकार ने दोनों सदनों में कृषि विधेयक ‘कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक 2020’ और ‘कृषक (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक 2020’ पारित कर किए । विपक्षी दलों ने इन विधेयकों का विरोध करते हुए इन्हें किसानों के लिए बेहद नुकसानदायक करार दिया है।इसके बाद सड़क पर किसान और संसद में नेता तीन विधेयकों को लेकर हाय-तौबा अभी भी कर रहे हैं।
इस बीच बिहार विधानसभा चुनाव को देखते हुए राहुल गांधी ने फिर कृषि कानून को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी कृषि कानूनों को लेकर लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साध रहे हैं। राहुल नए कृषि कानूनों को किसानों, मजदूरों और देश की नींव को कमजोर करने वाला बता चुके हैं। इस बार उन्होंने एक बार फिर पीएम मोदी पर निशाना साधा है।
राहुल ने ट्वीट कर कहा, ‘देश के किसानों ने मांगी मंडी, पीएम ने थमा दी भयानक मंदी।’ इसके साथ उन्होंने एक अंग्रेजी अखबार की खबर को भी ट्वीट किया है, जिसमें कहा गया है कि बिहार के किसान कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं और पंजाब के किसानों की तरह मंडी की मांग कर रहे हैं।
इससे पहले, छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में स्थित मुख्यमंत्री निवास में राज्योत्सव कार्यक्रम की वीडियो लिंक के माध्यम से संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता राहुल ने कहा, नए कृषि कानून किसानों, मजदूरों और देश की नींव को कमजोर करने वाले हैं। मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी इन नए कानूनों पर पुनर्विचार करेंगे।
राहुल ने कहा, देश में किसान की हालत के बारे में सभी को जानकारी है। किसानों की आत्महत्या की खबरें मिलती रहती हैं। एक तरह से देश ने स्वीकार कर लिया है कि किसान आत्महत्या करते हैं, लेकिन हमें स्वीकार नहीं करना है। हमें किसान, मजदूर, छोटे दुकानदारों की रक्षा करनी चाहिए। उनके साथ मिलकर खड़ा होना चाहिए क्योंकि किसान और मजदूर इस देश की नींव हैं। अगर वह कमजोर होंगे, तब यह नींव कमजोर होगी। यदि हम उनकी रक्षा करते हैं, तब ही देश मजबूत होगा।
