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राहुल गांधी का PM पर निशाना, कहा- पहले फ्रंट पर खेल रहे थे अब बैकफुट पर चले गए

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का अकेला ऐसा देश है जहां कोरोना वायरस तेजी से बढ़ने के बावजूद लॉकडाउन हटाया जा रहा है। राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले फ्रंट फुट पर खेल रहे थे, लेकिन लॉकडाउन फेल हुआ तो बैकफुट पर चले गए। उन्हें फिर से फ्रंट फुट पर आना चाहिए।

राहुल गांधी ने कहा कि लॉकडाउन का मकसद फेल हो चुका है, देश इसके नतीजे भुगत रहा है। राहुल ने कहा कि चार फेज के लॉकडाउन के बाद भी वे नतीजे नहीं मिले जिनकी उम्मीद प्रधानमंत्री कर रहे थे। प्रधानमंत्री और उनके प्रमुख सलाहकारों ने कहा था कि मई के आखिर तक कोरोना वायरस का असर घटने लगेगा, लेकिन ऐसा तो नहीं हो रहा। अब सरकार बताए कि आगे क्या प्लान है। लॉकडाउन खोलने की स्ट्रैटजी में प्रवासियों और राज्यों की मदद के क्या इंतजाम हैं।

लॉकडाउन के बीते 60 दिन में ये राहुल की चौथी प्रेस कॉन्फ्रेंस थी। इस दौरान उन्होंने दो बार नेशनल मीडिया से और दो बार रीजनल मीडिया से बात की। मोदी सरकार द्वारा दिए गए आर्थिक पैकेज पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने आर्थिक पैकेज में जो दिया, उससे कुछ नहीं होने वाला। लोगों के हाथों में पैसा पहुंचना चाहिए। आम लोगों और इंडस्ट्री को आर्थिक मदद नहीं मिली तो नतीजे खतरनाक होंगे। केंद्र को राज्यों की भी मदद करनी चाहिए। इसके बिना कांग्रेस शासित प्रदेशों को दिक्कतें आएंगी।

चीन से चल रहे तनाव को लेकर भी उन्होंने मीडिया से बातचीत की, राहुल ने कहा कि सरकार को ये साफ बताना चाहिए कि कब-कब और क्या-क्या हुआ। नेपाल में क्या हुआ था और अब लद्दाख में क्या हो रहा है। इस बारे में अभी तक पारदर्शिता नहीं है।

उन्होंने कहा कि ये समय निंदा करने का नहीं है। हमें लॉकडाउन खोलने की स्ट्रैटजी बनानी चाहिए। लॉकडाउन कोई ऑन-ऑफ स्विच नहीं बल्कि एक ट्रांजिशन (परिवर्तन का समय) है। इसके लिए केंद्र, राज्य और जनता का एक-दूसरे को सहयोग करना जरूरी है। कोरोना के खिलाफ लड़ाई को डी-सेंट्रलाइज करने की जरूरत है। अगर सारे फैसले प्रधानमंत्री कार्यालय से ही होते रहे तो संकट खड़ा हो जाएगा।