Óñ░ÓñòÓÑìÓñÀÓñ¥ Óñ«ÓñéÓññÓÑìÓñ░Óñ¥Óñ▓Óñ» ÓñòÓÑÇ ÓñÁÓÑçÓñ¼Óñ©Óñ¥ÓñçÓñƒ Óñ©ÓÑç ÓñÜÓÑÇÓñ¿ Óñ©ÓÑç Óñ£ÓÑüÓñíÓñ╝ÓÑç ÓñªÓñ©ÓÑìÓññÓñ¥ÓñÁÓÑçÓñ£ Óñ╣ÓñƒÓñ¥Óñ¿ÓÑç Óñ¬Óñ░ Óñ░Óñ¥Óñ╣ÓÑüÓñ▓ ÓñùÓñ¥ÓñéÓñºÓÑÇ Óñ¿ÓÑç ÓñòÓñ┐Óñ»Óñ¥ Óñ©Óñ░ÓñòÓñ¥Óñ░ Óñ¬Óñ░ Óñ╣Óñ«Óñ▓Óñ¥

रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट से चीन से जुड़े दस्तावेज हटाने पर राहुल गांधी ने किया सरकार पर हमला

कांग्रेस का भारत-चीन बीच जारी गतिरोध को लेकर लगातार मोदी सरकार पर हमला जारी है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भूल जाएं कि हम चीन के सामने खड़े हो सकते हैं। इतना साहस प्रधानमंत्री मोदी में नहीं है कि वो चीन का नाम तक ले पाएं। राहुल की तरफ से ये हमला चीन के अतिक्रमण की बात कबूलने वाले दस्तावेज को रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट से हटाए जाने को लेकर है।

ट्वीट कर राहुल गांधी ने कहा, “चीन के विरुद्ध खड़े होने की बात तो भूल जाइए, भारत के प्रधानमंत्री के पास नाम लेने तक का हिम्मत नहीं है। चीन के हमारे क्षेत्र में होने की बात से इनकार करने और वेबसाइट से दस्तावेजों को हटाने से तथ्य नहीं बदलेंगे।” अपने ट्वीट के साथ राहुल गांधी ने एक खबर का लिंक भी साझा किया है, जिसमें कहा गया है कि रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट से चीन के अतिक्रमण की बात कबूलने वाले दस्तावेज को हटाया गया।

 

उल्लेखनीय है कि अपनी वेबसाइट पर रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को एक दस्तावेज अपलोड किया था, जिसमें कहा गया था कि लद्दाख के कई इलाकों में चीनी सेना के अतिक्रमण की घटनाएं बढ़ीं। रक्षा मंत्रालय ने दस्तावेज में स्वीकार किया था कि मई महीने से चीन लगातार नियंत्रण रेखा पर अतिक्रमण बढ़ाता जा रहा है। रक्षा मंत्रालय ने हालांकि बाद में इस दस्तावेज को अपनी वेबसाइट से हटा लिया।

कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय माकन ने इस मामले को लेकर आज प्रेस कॉन्फ्रेंस भी किया जिसमें उन्होंने कहा, “हमारी जमीन पर चीन की सेना ने अतिक्रमण किया। हमारी सेना एलएसी पर लड़ रही है, लेकिन सरकार का बयान भ्रामक है। आईटीबीपी पीछे हट रही है, मगर चीन की सेना पीछे नहीं हट रही।”

अजय माकन ने आगे कहा कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारे इलाके में कोई भी नहीं घुसा, न ही किसी ने हमारी जमीन पर कब्जा किया। मगर रक्षा मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर जून में हुई गतिविधियों को लेकर जानकारी दी। बाद में उसे हटा दिया गया। क्या रक्षा मंत्रालय प्रधानमंत्री को बचा रहा है।”