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पुतिन 2036 तक रह सकेंगे रूस के राष्ट्रपति 

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 2036 तक अपने पद पर बने रहेंगे। दरअसल, 68 वर्षीय रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 5 अप्रैल, सोमवार को वर्ष 2036 तक सत्ता में बने रहने का मार्ग प्रशस्त करते हुए एक कानून पर हस्ताक्षर किए।

पिछले साल रूसी मतदाताओं ने पुतिन को पद पर बनाए रखने के लिए संविधान में बदलावों को मंजूरी दी थी। जनमत संग्रह के आधार पर ये निर्णय लिया गया था। इससे पुतिन के अगले 15 वर्षों तक पद पर बने रहने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। जनमत संग्रह के दौरान 77 प्रतिशत लोगों ने संविधान में संशोधन के पक्ष में मतदान किया था।

राष्ट्रपति पद पर 2036 तक बने रहेंगे पुतिन, संविधान में बदलाव की मिली मंजूरी

विधेयक पुतिन को अभी दो बार राष्ट्रपति पद के लिए रेस में शामिल होने की अनुमति देगा। पुतिन पिछले दो दशकों से सत्ता में हैं। पुतिन ने कहा है कि वर्तमान राष्ट्रपति पद 2024 में समाप्त होगा और राष्ट्रपति की रेस में पुतिन शामिल होंगे की नहीं इस पर निर्णय बाद में किया जाएगा। पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव को भी इस बिल में नई शक्तियां दी गई हैं। मेदवेदेव वर्ष 2008 से 12 तक रूस के राष्ट्रपति थे। उन्हें भी दो और चुनाव लड़ने की अनुमति दी गई है।

खुद को सत्ता में बनाए रखने के लिए पुतिन ने किया संविधान संशोधन का समर्थन

पुतिन ने कहा है कि उन्हें नियमित काम पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय अपने उत्तराधिकारी पर ध्यान केंद्रित करके अपने सहयोगियों को बनाए रखने के लिए राष्ट्रपति पद का विस्तार करने की आवश्यकता है। पुतिन द्वारा हस्ताक्षरित कानून की घोषणा 5 अप्रैल, सोमवार को आधिकारिक वेबसाइट पर की गई।

पुतिन पर आजीवन नहीं होगा मुकदमा