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खुद को सत्ता में बनाए रखने के लिए पुतिन ने किया संविधान संशोधन का समर्थन

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने संविधान संशोधन के एक प्रस्ताव का मंगलवार को समर्थन किया। ये प्रस्ताव उन्हें उनके मौजूदा कार्यकाल के समाप्त होने के बाद फिर से निर्वाचन की मंजूरी देगा। उनका कार्यकाल 2024 में समाप्त हो रहा है।

पुतिन 20 साल से अधिक समय से सत्ता में हैं। वे सोवियत तानाशाह जोसफ स्टालिन के बाद रूस के सर्वाधिक लम्बे समय तक नेतृत्व करने वाले नेता बन चुके हैं। यह प्रस्ताव अगर पारित जाता है तो पुतिन साल 2036 तक रूस के राष्ट्रपति बने रह सकेंगे।

व्लादिमीर पुतिन ने पहली बार साल 2000 में रूस के राष्ट्रपति का कार्यभार संभाला था। जिसके बाद से वह लगातार अब तक सत्ता में बने हुए हैं। पुतिन ने इस बारे में पहले नूनविदों से बात की। फिर वह संसद के निचले सदन ड्यूमा में प्रस्ताव लेकर आए हैं।

पुतिन ने कहा कि उनका मानना है कि उन्हें रूस की स्थिरता के लिए फिर से सत्ता में लौटना चाहिए। भले ही भविष्य के अध्यक्षों के लिए दो कार्यकाल की बाध्यता कायम रहे।

ड्यूमा में इस वक्त यूनाइटेड रशिया पार्टी बहुमत में है। इसलिए कयास लगाए जा रहे हैं कि पुतिन को राष्ट्रपति बनाए रखने वाला यह प्रस्ताव पास हो जाएगा। अगर यह प्रस्ताव पास हो जाता है तो पुतिन छह-छह साल के लिए दो और कार्यकाल पूरा कर सकेंगे। फ़िलहाल पुतिन का कार्यकाल 2024 में पूरा होने वाला है।

सांसद वेलेंतीन तेरेशकोवा ने इस प्रस्ताव को पेश किया था। जिसका पुतिन ने समर्थन किया है। वेलेंतीन तेरेशकोवा ने ही राष्ट्रपति पद के लिए दो कार्यकाल को समाप्त करने का प्रस्ताव पेश किया है। तेरेशकोवा 1963 में अंतरिक्ष जाने वाली पहली महिला बनी थी।