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प्रशांत किशोर दोबारा लालू-नीतीश की दोस्ती कराना चाहते थे: सुशील मोदी

बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने प्रशांत किशोर को लेकर एक सनसनीखेज खुलासा किया है। सुशील मोदी ने ट्वीट कर कहा कि बिहार में एनडीए सरकार की वापसी प्रशांत किशोर को फूटी आंखों नहीं सुहाई, इसलिए वे लालू प्रसाद से नीतीश कुमार की फिर दोस्ती कराने में लगे रहे। जब उनकी दाल नहीं गली, तो नागरिकता कानून को बहाना बनाकर नीतीश कुमार को निशाना बनाने लगे।

सुशील मोदी ने आगे लिखा, “वे लालटेन पार्टी के लिए काम करने लगे हैं, इसलिए उन्हें न राजद राज के भ्रष्टाचार दिखते हैं, न एनडीए सरकार में हर गांव-घर तक पहुंची बिजली दिखाई पड़ती है। 2005 से बिजली की खपत में पांच गुना वृद्धि हुई है, लेकिन पीके बिहार को लालटेन युग में लौटाने के मुहिम चलाने का ठेका ले चुके हैं।”

सुशील मोदी ने ट्वीट पर ट्वीट किए हैं। उन्होंने आगे ट्वीट में लिखा, “जेडीयू से राजद का गठबंधन बेनामी सम्पत्ति और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर टूटा था। तत्कालीन महागठबंधन सरकार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव आज तक अपने खिलाफ लगे आरोपों का बिंदुवार जवाब नहीं दे पाए। भाजपा ने गरीब बिहार को मध्यावधि चुनाव के बोझ से बचाने के लिए बिना शर्त जेडीयू का समर्थन किया। जिससे भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस रखने वाली एनडीए सरकार बनी और विकास को गति मिली।

गौरतलब है कि सुशील मोदी ने प्रशांत किशोर पर पहले भी हमला बोला था। सुशील मोदी ने ट्वीट कर कहा है कि बिहार में चंद महीनों बाद चुनाव होने को है, इसलिए हर कोई अभी से अपनी तैयारी कर रहा है। साथ ही अधिकतम लाभ या सफलता को ध्यान में रखकर बयान दे रहा है। मोदी ने कहा कि सरकार अपने पांच साल के काम जनता के सामने रख रही है। जो बेरोजगार रहे, वे रथ यात्रा निकालकर अपनी नाकामी पर पर्दा डालना चाहते हैं। जो इवेंट मैनेजमेंट और स्लोगन राइटिंग का काम करते थे, वे नया ठेका पाने में लग गए हैं। सुशील मोदी ने कहा कि जनता मालिक है और वह केवल काम पर आशीर्वाद देने वाली है।