लड़की बनकर फेसबुक पर नफरत फैलाने वाला ‘रवि’ है कौन?
वर्तमान में सोशल मीडिया ज्यादातर लोग इस्तेमाल करते हैं। जिसके कारण इन प्लेटफॉर्म पर प्राइवेसी एक चिंता का विषय बना रहता है। सोशल मीडिया की इस दुनिया में हर वक्त लोगों को सावधानी बरतनी पड़ती है। क्योंकि सोशल मीडिया के इस दौर में किसी पर भी भरोसा कर लेना बहुत घातक साबित हो सकता है।
छत्तीसगढ़ में एक व्यक्ति ने निशा जिंदल के नाम से फेसबुक पर अकाउंट बनाया और अपने आप को लड़की बताया। इस अकाउंट को 10000 लोग फॉलो कर रहे थे, यानी आप सभी इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं कि किस प्रकार से लोग फर्जी अकाउंट के झांसे में आते हैं और इस प्रकार के अकाउंट पर साझा किए जा रहे पोस्ट पर भरोसा कर लेते हैं। यूजर ने प्रोफाइल पर महिला की तस्वीर लगा रखी है।
इस मामले की तफ्तीश पुलिस की ओर से की गई तो पता चला कि यह अकाउंट किसी महिला का नहीं है। इस अकाउंट को रवि नाम का एक व्यक्ति ने बनाया था और वह इस प्रोफाइल को यूज कर रहा था। अपने अकाउंट में उसने प्रोफाइल में जो जानकारी दी थी उसमें लिखा था कि मैं अपनी प्यारी राजकुमारी बेटी के बिना कुछ नहीं हूं। दरअसल, रवि इंजीनियरिंग के छात्र हैं। इस अकाउंट के जरिए लोगों में वैमनष्यता फैलाने की कोशिश की जाती थी। पुलिस जब आरोपी निशा जिंदल को गिरफ्तार करने के लिए पहुंची तो आरोपी रवि निकला। पिछले 11 साल से रवि इंजीनियरिंग पास करने में असफल रहा।
साम्प्रदायिक वैमनस्यता भड़काने के आरोप में जब @RaipurPoliceCG FB user “निशा जिंदल” को गिरफ़्तार करने पहुँची तो पता चला कि ११ साल से engineering पास नहीं कर पा रहे “रवि” ही वास्तव में “निशा”हैं! 😱
“निशा” के >10,000 फ़ालोअर्ज़ को सच बताने पुलिस ने रवि से ही उनकी सच्चाई पोस्ट कराई! pic.twitter.com/x7RSCqRftn— Dr. Priyanka Shukla (@PriyankaJShukla) April 18, 2020
पुलिस ने FB पर लिखवाया
पुलिस ने रवि को एक पोस्ट अपनी सच्चाई बयां करने वाला कराया और उसके बाद पुलिस ने उससे इस फर्जी फेसबुक अकाउंट पर एक पोस्ट कराया ताकि इस अकाउंट को फॉलो करने वाले 10000 लोगों को रवि की सच्चाई का पता चल सके। आईएएस अधिकारी प्रियंका शुक्ला ने भी इसे पोस्ट किया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ओर से पुलिस की इस बेहतरीन कार्रवाई की तारीफ की गई है। साथ ही कहा गया कि किसी भी प्रकार का फर्ज़ीवाड़ा स्वीकार नहीं किया जाएगा। आइए हम सब मिलकर उन लोगों का पर्दाफाश करते हैं जो लोगों को गुमराह करते है। रायपुर पुलिस ने बहुत बेहतरीन काम किया है।
No fraud will be spared. Let us reveal all those element who wish to mislead.
Good job @RaipurPoliceCG https://t.co/LYqCes5Iel
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) April 19, 2020
बता दें कि ऐसे फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए लोग अफवाह फैलाने की कोशिश करते हैं, जिसके कारण से समाज में कई बार तनाव फैलता है। हाल ही में महाराष्ट्र के पालघर में कुछ लोगों ने अफवाह फैलाई कि कुछ लोग लुटेरे हैं, जिसके बाद तीन व्यक्तियों को भीड़ ने पीट-पीटकर
मार डाला। इस मामले में 100 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
