Óñ»ÓÑïÓñù ÓñªÓñ┐ÓñÁÓñ©Óñ░Óñ¥ÓñÀÓÑìÓñƒÓÑìÓñ░ ÓñòÓÑç Óñ¿Óñ¥Óñ« Óñ©ÓñéÓñ¼ÓÑïÓñºÓñ¿ Óñ«ÓÑçÓñé Óñ¬ÓÑìÓñ░ÓñºÓñ¥Óñ¿Óñ«ÓñéÓññÓÑìÓñ░ÓÑÇ Óñ¿ÓÑç ÓñòÓñ╣Óñ¥, PM ÓñùÓñ░ÓÑÇÓñ¼ ÓñòÓñ▓ÓÑìÓñ»Óñ¥Óñú Óñ»ÓÑïÓñ£Óñ¿Óñ¥ Óñ¿ÓñÁÓñéÓñ¼Óñ░ ÓññÓñò Óñ░Óñ╣ÓÑçÓñùÓÑÇ Óñ▓Óñ¥ÓñùÓÑé Óñ¬Óñ░ PM Óñ«ÓÑïÓñªÓÑÇ Óñ¼ÓÑïÓñ▓ÓÑç, ÓñòÓÑïÓñ░ÓÑïÓñ¿Óñ¥ ÓñòÓÑï Óñ╣Óñ░Óñ¥Óñ¿ÓÑç ÓñòÓÑç Óñ▓Óñ┐ÓñÅ Óñ»ÓÑïÓñù ÓñòÓÑï ÓñªÓÑêÓñ¿Óñ┐Óñò Óñ£ÓÑÇÓñÁÓñ¿ ÓñòÓñ¥ Óñ╣Óñ┐Óñ©ÓÑìÓñ©Óñ¥ Óñ¼Óñ¿Óñ¥ÓñÅÓñé

पीएम नरेंद्र मोदी ने दिया वाराणसी को दीवाली गिफ्ट, 19 परियोजनाओं और 17 योजनाओं का शिलान्यास

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के लोगों से वर्चुअल संवाद किया।  इस दौरान पीएम मोदी ने 700 करोड़ की योजनाओं का तोहफा वाराणसी को दिया है। अपने वर्चुअल में उन्होंने जनता से अपील की आजकल, ‘लोकल के लिए वोकल’ के साथ ही, के मंत्र की गूंज चारो तरफ है।हर एक व्यक्ति जब गर्व के साथ लोकल सामान खरीदेगा, नए-नए लोगों तक ये बात पहुंचाएगा कि हमारे लोकल प्रोडक्ट कितने अच्छे हैं, किस तरह हमारी पहचान हैं, तो ये बातें दूर-दूर तक जाएंगी,सिर्फ दीये लेना ही लोकल नहीं बल्कि देश में जो समान बनता है उसका उपयोग करें।

पीएम ने कहा कि ” कोरोना काल में भी काशी नहीं रुकी, लगातार काम जारी रहा। पीएम मोदी ने कहा कि यूपी में कोरोना काल में विकास कार्य नहीं रुका, इसके लिए योगीजी की टीम को बहुत बधाई। वाराणसी में शहर-देहात की विकास योजनाओं में संस्कृति-आधुनिकता का ध्यान रखा जा रहा है। काशी में अब घाटों की तस्वीर बदल रही है, जिन योजनाओं की शुरुआत हो रही है उससे स्थानीय रोजगार बढ़ेगा”।

उन्होंने अपने संवाद में आगे कहा कि ”काशी की एक बड़ी समस्या यहां लटकते बिजली के तारों के जाल की रही है। आज काशी का बड़ा क्षेत्र बिजली के तारों के जाल से भी मुक्त हो रहा है। तारों को अंडरग्राउंड करने का एक और चरण, आज पूरा हो चुका है बाबतपुर से शहर को कनेक्ट करने वाली सड़क भी अब बनारस की नई पहचान बनी है। आज एयरपोर्ट पर 2 पैसेजर बोर्डिंग ब्रिज का लोकार्पण होने के बाद इन सुविधाओं का और विस्तार होगा। 6 वर्ष पहले जहां बनारस से हर दिन 12 फ्लाइट्स चलती थीं, आज इससे 4 गुणा फ्लाइट्स चलती हैं”।

वाराणसी में आज पीएम ने 19 परियोजनाओं और 17 योजनाओं शिलान्यास किया। पीएम ने कहा कि ”गांव में रहने वाले लोगों को, गांव की जमीन, गांव के घर का, कानूनी अधिकार देने के लिए ‘स्वामित्व योजना’ शुरू की गई है। गाँवों में घर मकान को लेकर जो विवाद होते थे, इस योजना से मिले प्रॉपर्टी कार्ड के बाद, उनकी गुंजाइश नहीं रह जाएगी”।