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झारखंड सरकार के मास्क न पहनने पर 1 लाख के जुर्माने को विपक्ष ने बताया तुगलकी फरमान

झारखंड सरकार के मास्क न पहनने पर 1 लाख रुपए जुर्माना और 2 साल की सजा के प्रावधान को विपक्षी दल भाजपा ने तुगलकी फरमान करार दिया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने कहा है कि सरकार को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए। वहीं दूसरी तरफ पार्टी विधायक दल के नेता बाबूलाल ने इसके विरोध में मुख्यमंत्री हेंमत सोरेन को पत्र लिखा हैं।

उन्होंने पत्र में कहा, “कोरोना पर अंकुश लगे, यह सबकी प्राथमिकता और चाहत हैं। लेकिन सख्ती के नाम पर जनता के दोहन के दरवाजे खोलने की इजाजत नहीं मिलनी चाहिए। आर्थिक व समाजिक परिस्थितियों पर भी गौर करना होगा।”

सरकार के इस फैसले पर लोग सोशल मीडिया में अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। बाबूलाल मरांडी ने इस बाबत कहा, “इस अध्यादेश के कतिपय बिंदु न्यायोचित नहीं हैं। भारी जुर्माना और दो साल कैद का प्रावधान अव्यवाहारिक हैं। बड़ी आबादी गांव में बसती हैं, जिसमें बहुतायत गरीब हैं। ऐसे में भारी अर्थदंड व कड़ी सजा को उचित नहीं ठहराया जा सकता हैं। इन्हें एक अभियान के तहत जागरुक करने की अधिक जरुरत हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “ऐसा नहीं हो कि इस कानून की आड़ में पुलिस के लिए कमाई का एक बड़ा और सहज, सुलभ जरिया खुल जाए तथा राज्य सरकार का मूल मकसद कहीं बहुत पीछे न छूट जाए। कुछ राज्यों में मास्क नहीं पहनने पर महज 50 रुपए जुर्माना व दो मास्क देने का प्रावधान हैं, ताकि लोगों को मास्क लगाने की आदत डाली जा सके।”

राज्य में कोरोना के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा हैं। अब तक प्रदेश में कोरोना संक्रमण 24 जिलों तक पहुंच गया है। 7164 मरीज राज्य में पाए गए हैं। गुरुवार को राजधानी रांची में 198 नए केस सामने आए हैं।