भारत में बढ़ा ओमिक्रॉन का ख़तरा

दुनिया भर में चिंता का विषय बने कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के 22 मरीज भारत में मिल चुके हैं। इससे भारत में भी लोग चिंतित हैं। ऐसे भी  विशेषज्ञों ने यह कहकर लोगों को  सकते में डाल दिया है कि बहुत जल्द देश में कोरोना की तीसरी लहर आ  सकती है। इस खतरे को उन लोगों ने और बढ़ा दिया है, जो एट रिस्क कैटेगरी वाले देशों से भारत आए है। इनमें से सैकड़ो लोगों का कोई अता-पता नहीं है। अगर इनमे से कुछ लोग भी ओमिक्रॉन से संक्रमित होंगे तो वे नए वैरिएंट के सुपर स्प्रेडर बन सकते हैं। क्योंकि न तो इनका कोरोना टेस्ट हुआ है और न ही ये कहीं पर क्वारैंटाइन हैं।

 

दरअसल ,देश के 5 राज्यों में अब तक  22 केस सामने आ चुके हैं। इनमें राजस्थान में सबसे ज्यादा 9 मरीज हैं। इन लोगों में ओमिक्रॉन की पुष्टि हुई है। इससे पहले पुणे महाराष्ट्र में एक और इससे सटे जिले पिंपरी चिंचवाड़ में 7 लोगों में कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन मिला था।पिंपरी चिंचवाड़ में ओमिक्रॉन से संक्रमित मिले 7 लोगों में से 4 अभी विदेश से लौटे थे। इन सभी का टेस्ट कराया गया था, जिसमें ये पॉजिटिव पाए गए थे। इसके बाद इनके संपर्क में आने वाले 3 अन्य का भी टेस्ट कराया गया था। ये तीनों भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए। इन सभी के सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे गए थे, जिसकी रिपोर्ट 5 दिसंबर को आई है। संक्रमितों में नाइजीरिया से आई एक महिला, उसका भाई और दो बेटियां भी शामिल हैं।

दिल्ली में भी ओमिक्रॉन के पहले केस का पता चला है। संक्रमित व्यक्ति तंजानिया से आया था। एयरपोर्ट पर जांच के बाद ओमिक्रॉन संक्रमित होने की जानकारी मिली। लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल के सीएमडी प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बतया है  कि अस्पताल में भर्ती ओमिक्रॉन मरीज के गले में सूजन, थकान और शरीर में दर्द के लक्षण दिख रहे हैं। संक्रमित ने वैक्सीन के दोनों डोज ले लिए थे, इसलिए उस पर हल्के लक्षण ही नजर आ रहे हैं।सबसे पहले कर्नाटक में 25 नवंबर को दो मरीज मिले। इनमें एक विदेशी है, जो नवंबर में भारत आया था। दूसरा केस गुजरात के जामनगर शहर में मिला है। ओमिक्रॉन से संक्रमित मिला शख्स 28 नवंबर को जिम्बाब्वे से जामनगर आया था।

डराने वाली बात यह है कि इस दौरान विदेश से आए लगभग 556 लोग गायब हो गए। इन लोगो को प्रशासन अलग -अलग  शहरों में तलाशा कर रही है। ये लोग उन देशों से आए है। जहा सबसे ज्यादा ओमिक्रॉन फैला हुआ है। इनका न  कोरोना टेस्ट हुआ है और न ही ये  क्वारंटीन हैं।

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जनवरी में आ सकती है तीसरी लहर

आईआईटी कानपुर की ओर से ओमिक्रॉन वैरिएंट पर किए गए डेटा एनालिसिस में यह तथ्य सामने आया है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट के भारत में केस आने के बाद कोरोना वायरस की तीसरी लहर जनवरी 2022 में आ सकती है। गौरतलब है कि देश में कोरोना की पहली और दूसरी लहर के दौरान प्रोफ्रेसर अग्रवाल का कोरोना को लेकर किया गया डेटा एनालिसिस काफी सुर्खियों में रहा था। मीडिआ रीपोर्ट के अनुसार प्रोफेसर अग्रवाल कहते हैं कि ओमिक्रॉन वैरिएंट के बारे में हमें साउथ अफ्रीका से जो डेटा मिला है उसका अध्ययन करके हमने अपने निष्कर्ष निकाले हैं। अगले साल के शुरुआती महीनों, जनवरी से तीसरी लहर दस्तक दे सकती है और फरवरी तक इसका पीक बन सकता है। फरवरी में जब पीक बनेगा तो डेली कोविड केस डेढ़ लाख तक जा सकते हैं।