नेतन्याहू ने मोदी को कहा धन्यवाद, प्रधानमंत्री बोले- हम हर संभव मदद करेंगे
पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फिर ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो के बाद अब इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारता के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद कहा है। नेतन्याहू ने अपने आधिकारिक ट्वीटर हैंडल से ट्वीट करते हुए कहा, “धन्यवाद मेरे प्रिय दोस्त भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इजरायल को हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन भेजने के लिए।” पीएम मोदी ने भी इजरायल को भरोसा दिलाया है कि हम हर संभव मदद करेंगे।
Thank you, my dear friend @narendramodi, Prime Minister of India, for sending Chloroquine to Israel.
All the citizens of Israel thank you! 🇮🇱🇮🇳 pic.twitter.com/HdASKYzcK4
— Prime Minister of Israel (@IsraeliPM) April 9, 2020
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा, “हम सब मिलकर इस महामारी से लड़ेंगे। भारत अपने दोस्तों की मदद के लिए हर संभव कोशिश करेगा। इजरायल के लोगों की सलामती और अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करते हैं।”
We have to jointly fight this pandemic.
India is ready to do whatever is possible to help our friends.
Praying for the well-being and good health of the people of Israel. @netanyahu https://t.co/jChdGbMnfH
— Narendra Modi (@narendramodi) April 10, 2020
भारत की तरफ से कोविड-19 संक्रमितों के इलाज में कारगर एंटी मलेरिया दवाई कई देशों में भेजी जा रही हैं। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने कहा कि कोरोना वायरस (कोविड-19) मरीजों के लिए उन्होंने मलेरिया रोधी दवा (हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन) की सिफारिश नहीं की है, जब तक कि टेस्ट के दौरान संतोषजनक नतीजे नहीं दिखते हैं। ICMR के वैज्ञानिक आर गंगा केतकर ने कहा, “यह समझने की जरूरत है कि हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा कोरोना मरीजों के लिए जरूरी नहीं है। क्या यह दवा कोविड-19 के संक्रमण को कम करेगा, परीक्षण के बाद ही इसका पता चलेगा। जिनमें कोरोना के लक्षण पाए गए हैं, उनके ऊपर इसका परीक्षण चल रहा है।”
हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के निर्यात पर रोक के बाद विभिन्न देशों की तरफ से भारत को इसके कई लिए बार अनुरोध किया गया था, जिसके बाद भारत ने इसके निर्यात के ऊपर लगी रोक को हटाने का फैसला किया। 25 मार्च को भारत ने हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के निर्यात पर रोक लगाई थी। समाचर एजेंसी IANS के मुताबिक, इसके बाद 6 अप्रैल को डायरेक्ट्रेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड ने हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन समेत 14 दवाईयों के निर्यात पर लगी रोक को हटाने का नोटिफिकेशन जारी किया।
कोरोना संक्रमितों के इलाज में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की काफी मांग है। हालांकि, जानकारों का यह कहना है कि भारत आसानी से इस दवा की घरेलू मांगों में पूर्ति के साथ ही निर्यात करने में सक्षम है। वैसे, अभी तक बड़े स्तर पर ट्रायल में यह साबित नहीं हुआ है कि कोविड-19 संक्रमितों के इलाज में यह दवा कितना मददगार है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत की तरफ से कोरोना के इलाज में कारगर माने जा रहे मेलेरिया की दवाई हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दिए जाने के बाद कहा कि वह इसे कभी नहीं भुला पाएंगे। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन पर फैसले के लिए भारत और भारत के लोगों का धन्यवाद करते हैं। उन्होंने कहा कि चुनौतीपूर्ण समय में दोस्तों के बीच करीबी सहयोग की जरूरत होती है।
