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दो लाख का इनामी नक्सली प्रकाश करताम उर्फ पांडू अब अपनी पत्नी संग करेगा खेती

नक्सली प्रकाश करताम उर्फ पांडू अब अपनी पत्नी के साथ खेती करेगा। पांडू पर छत्तीसगढ़ पुलिस की तरफ से दो लाख का ईनाम रखा गया था। उसने प्रशासन से मांग की थी कि उसे ट्रैक्टर दिया जाए। प्रशासन ने उसे 20 जुलाई को ट्रैक्टर की चाबी थमा दी।

पांडू ने 8 जुलाई को खुद को सरेंडर किया था। ट्रैक्टर मिलने के बाद पांडू के गांव बडेगुडरा के नक्सलियों ने एक समूह बनाया था। जिसका नाम जय लय्योर जय कम्माई रखा गया था।

नक्सलियों का हौसला बढ़ाने के लिए खुद एपसी डॉ. अभिषेक पल्लव ने ट्रैक्टर चलाया। अपनी मांग पूरी होने पर पांडू ने कहा कि अब मैं खेती करूंगा। समूह के साथ काम करूंगा। नक्सलवाद में हिंसा और दर्द के अलावा कुछ नहीं रखा हैं। असली खुशियां अब मिल रही हैं।

पांडू को ट्रैक्टर मिलने की इतनी खुशी हुई की वह काफी देर तक खेतों में ट्रैक्टर चलाता रहा। वहीं जिले के उपायुक्त दीपक सोनी ने बताया कि सरेंडर नक्सलियों का यह पहला स्वयंसहायता समूह हैं।

ट्रैक्टर से खेती कर और किराये पर देकर वे रोजगार कमाएंगे। नक्सलियों का ग्रुप बनाकर ट्रैक्टर उपलब्ध कराने वाला दंतेवाड़ा प्रदेश का पहला जिला हैं। 8 जुलाई को पांडू ने सरेंडर होने के बाद इसकी मांग की थी। प्रशासन ने 10 दिन भीतर ही प्रकाश को ट्रैक्टर उपलब्ध करवा दिया।

एपसी अभिषेक ने कहा कि चिकपाल और पोटाली इलाके के सरेंडर करने वाले नक्सलियों का भी ग्रुप बनेगा। जिन्हें 15 अगस्त के दिन ट्रैक्टर दिया जाएगा। ताकि वे खेती किसानी कर खुशहाल जीवन बिताएं।