जेल से ही चल रहा शराब माफिया का सिंडिकेट
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े बार डाउनटाउन . 21 के मालिक शराब माफिया मनोज जायसवाल इस समय जेल की सलाखों के पीछे होते हुए भी चर्चाओं में हैं। 100 करोड़ की टैक्स चोरी के आरोपी जायसवाल को जेल में डाला गया था। जायसवाल पर आरोप है कि वह जेल की सलाखों के पीछे से ही शराब का सिंडीकेट चला रहे हैं।
बताया जा रहा है कि शराब माफिया मनोज जायसवाल की सहारनपुर में चार ऐसी शराब की दुकाने है जिन पर आबकारी विभाग को ताला डालना चाहिए था। लेकिन वह अभी तक भी खुलेआम चल रही है। सहारनपुर में इस बात को लेकर चर्चा ए आम है कि पुलिस के बड़े अधिकारी शराब माफिया के ठेकों को संचालित होने में सहयोग कर रहे हैं।
गौरतलब है कि सहारनपुर की तफरी डिस्टलरी के मालिक मनोज जायसवाल और प्रणय अनेजा पर शराब के कारोबार में 100 करोड की टैक्स चोरी सिद्ध हो जाने के बाद उनके गैंग से जुड़े 16 लोगों को जेल भेजा जा चुका है। लेकिन चर्चा है कि यूपी का आबकारी विभाग अभी भी शराब माफिया के सिंडिकेट को नहीं तोड़ पाया है।
मनोज जायसवाल और उनके परिवार की चार दुकानों के लाइसेंस अभी तक निरस्त नहीं किए जाने से उत्तर प्रदेश सरकार खासकर आबकारी विभाग पर सवालिया निशान लग रहे हैं। बताया जा रहा है कि शराब माफिया के एक खाकी वर्दी के बड़े अधिकारी से जुड़े हुए हैं ।जिसके चलते उनकी दुकानों के लाइसेंस निरस्त नहीं किए जा रहे हैं। कहा यह भी जा रहा है कि अभी तक भी उनकी दुकानों के नवीनीकरण नही हुए हैं।
