ÓñÅÓñ¿ÓñíÓÑÇÓñÅ Óñ«ÓÑçÓñé ÓñÂÓñ¥Óñ«Óñ┐Óñ▓ Óñ╣ÓÑïÓñéÓñùÓÑç Óñ£ÓÑÇÓññÓñ¿Óñ░Óñ¥Óñ« Óñ«Óñ¥ÓñéÓñØÓÑÇ, Óñ¿ÓÑÇÓññÓÑÇÓñ Óñ©ÓÑç ÓñòÓÑÇ Óñ«ÓÑüÓñ▓Óñ¥ÓñòÓñ¥Óññ

एनडीए में शामिल होंगे जीतनराम मांझी, नीतीश से की मुलाकात

बिहार में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सभी पार्टियां अपनी रणनीति बनाने में जुट गई हैं। इसी क्रम में 17 मार्च को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के अध्यक्ष जीतनराम मांझी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की है।

यह मुलाकात काफी देर तक चली। बिहार की राजनीति में इसके अलग-अलग मायने निकाले जा रहे है। समझा जा रहा है कि मांझी एनडीए में शामिल होने वाले हैं। यूनाइटेड जनता दल जेडीयू ने भी इस सम्भावना से इंकार नहीं किया है।

मांझी-नीतीश मुलाकात पर जेडीयू ने कहा कि राजनीतिक संभावनाओं का खेल है। जेडीयू के प्रवक्ता संजय सिंह ने बताया कि “दो बड़े नेता है मुलाक़ात हुई तो कई बातें हुई होंगी। मैं तो बंद कमरे में था नहीं, लेकिन राजनीतिक सम्भावनाओं का खेल है, कब क्या हो जाए कौन जानता है? आगे-आगे देखिए कई और राजनीतिक धमाके होंगे।”

जेडीयू सांसद सुनील कुमार पिंटू ने भी कहा कि “राजनीति में कब क्या होगा कह नहीं सकते। मांझी जी को नीतीश जी ने मुख्यमंत्री तक बनाया। अगर आते हैं वापस तो हम स्वागत करेंगे, लेकिन इस बारे में शीर्ष नेता ही निर्णय लेंगे।”

दूसरी तरफ बीजेपी अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा है कि “मांझी, मुकेश सहनी, कुशवाहा की पार्टी के एनडीए में शामिल होने की संभावना ही नहीं है। उनके साथ गठबंधन का सवाल नहीं जिन्हें बिहार की जनता पहले ही अस्वीकार कर चुकी है। बीजेपी एक समुद्र है जिसमें कई छोटी-छोटी नदियां आकर मिलती हैं। बीजेपी में शामिल होने के सिद्धांत को मानते हुए अगर ये लोग बीजेपी में शामिल होना चाहें तो स्वागत है।”

जिसके बाद बाकी सहयोगी दलों ने इस पर नाराजगी जाहिर की थी। मांझी और नीतीश कुमार की मुलाक़ात पर कांग्रेस ने चुप्पी साध ली है।

पार्टी के एमएलसी प्रेमचंद्र मिश्रा ने कहा, “नीतीश जी और मांझी जी में मुलाक़ात हुई मुझे कोई जानकारी नहीं। कौन आता है और कौन जाता है इस पर मुझे कुछ नहीं कहना, लेकिन बिहार की जनता हमारे साथ है, ये पता है।”

इसके कुछ दिन पहले महागठबंधन के अंदर मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर सहमति नहीं बन रही थी। राष्ट्रीय जनता दल लालू यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव को महागठबंधन का मुख्यमंत्री चेहरा घोषित कर चुकी थी। मांझी और सीएम नीतीश की मुलाकात से जहां बिहार में सियासी सरगर्मी बढ़ गई है।

वहीं, मांझी पर आरजेडी के स्वर जरूर नर्म हैं। कांग्रेस छोटे दलों को अधिक भाव देने के मूड में नहीं है। राजद ने पहले ही कहा है कि सही प्लेटफार्म पर बातचीत की जा सकती है।