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चीन के बाद कोरोना का गढ़ बना इटली, दफनाने को कम पड़ रहे ताबूत

कोरोना वायरस के चपेट में इस समय लगभग पूरी दुनिया है। इस वायरस से अब तक 8500 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके है। साथ ही हजारों की संख्या में लोग संक्रमित हैं। कई देशों ने सुरक्षा के मद्देनजर आपातकाल तक घोषित कर दिया है। वायरस से निपटने के लिए सभी देश लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं।

लेकिन चीन के बाद अब इस वायरस का गढ़ इटली बन चुका है। इटली में हालात बेकाबू हो गए हैं। यहां बर्गमो प्रांत में तो हालात इतने भयावह हैं कि कोरोना वायरस से मरने वाले लोगों का अंतिम संस्कार करने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। केवल दो सप्ताह में ही यहां एक पूरी पीढ़ी अपनी जान से हाथ धो बैठी है।

सीएफबी के अध्यक्ष एंटोनियो रिकियार्डी ने कहा, “हम सामान्य तौर पर एक सामान्य महीने में लगभग 120 लोगों का अंतिम संस्कार कराते हैं। मगर अब केवल दो सप्ताह में ही एक पूरी पीढ़ी अपनी जान से हाथ धो बैठी है। हमने इससे पहले ऐसा कुछ नहीं देखा। यह वाकई रुला देने वाला अहसास है।”

द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, बर्गमो प्रांत में लाशों को दफनाने में ही काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यहां के चर्चों में ऐसे ताबूतों की लाइनें लगी हैं, जिनमें संक्रमण से मरने वालों की लाशों को दफनाया जाना है। इस वजह से लोगों को लाश अपने घरों में ही कई दिनों तक रखना पड़ रहा है। इसकी वजह है कि कोरोना महामारी की मार झेल रहे इस इतावली प्रांत में अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी संभालने वाली 80 कंपनियों की कार्यप्रणाली चरमरा गई है।

गौरतलब है कि सभी देश कोरोना वायरस के खतरे से जूझ रहे हैं। वहीं चीन ने इस पर काफी हद तक काबू पा लिया है। चीन से अब तक कोई नया मामला सामने नहीं आया है। इटली के प्रशासन ने गुरुवार, 19 मार्च को बताया गया था कि कोरोना वायरस के संक्रमण के मामले 35,713 से बढ़कर 41,035 हो चुके हैं।