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अमेरिका में निस्वार्थ भाव से लाखों लोगों का पेट भर रहे भारतीय सिख, दुनिया कर रही तारीफ

कोरोना का कहर दुनिया भर में लगातार जारी है। पूरी दुनिया में कोरोना से 75 लाख से भी अधिक लोग संक्रमित हैं। ऐसे हालात में खबर ऐसी है जिसने दुनिया भर में हल्ला मचाया हुआ है। हाल ही में अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड की पुलिस यातना में मौत के बाद से अमेरिका प्रदर्शनों की आग में झुलस रहा था। कई जगह प्रदर्शन अब भी जारी है। इस पुलिस और प्रदर्शनकारियों की गर्मागर्मी में कई प्रोटेस्टर्स की जान भी गई है। कोरोना हो या प्रदर्शन इस समय लोग दो वक्त की रोटी को तरस रहे हैं।

ऐसे में लोगों के लिए मसीहा बनकर उभरे अमेरिका में बसे भारतीय सिख मानवता की एक नई मिसाल कायम करने वाला सिख समुदाय बन गया है। ये लोग इस बुरे वक्त में सब लोगों का पेट भरने में लगे हुए हैं। ऐसा कही एक जगह नहीं बल्कि पूरे अमेरिका में हो रहा रहा है। कोइन्स विलेज की एक इमारत में 30 सिखों ने मिलकर बीते तीन माह में करीब डेढ़ लाख लोगों को फ्री में खाना खिलाया है। इनके खाने में बासमती चावल, दाल, बीन्स और सब्जियां भी शामिल होती है। भूख से मजबूर लोगों के लिए यहाँ मिलने वाला खाना किसी वरदान से कम नही है।

जहाँ पर ये लोग मिलकर खाना खिलाते है वो दरअसल एक गुरुद्वारा है। आपको बता दें बीते कुछ दिनों से अमेरिका में अश्वेत अफ्रीकी की मौत से हर जगह पर विरोध जताया जा रहा है। ऐसे में इस समुदाय ने लोगों की भूख मिटाने में अग्रणी भूमिका निभाई है। न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स की रिपोर्ट के अनुसार, करीब 80 गुरुद्वारे लगातार अमेरिकियों का पेट भरने के काम में दिन-रात लगे हुए हैं। सिख कॉलिशन की एग्‍जीक्‍यूटिव डायरेक्‍टर सतजीत कौर बताती है ये उनके जीवन का हिस्‍सा है।

सिख समुदाय का हर सदस्‍य अपनी आय का दस फीसद इस काम के लिए दान देता है। इसके चलते ही ये काम बिना रुके चलता रहता है। न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक फोटो भी अपने इंस्टाग्राम पर शेयर की है। इस पोस्ट में लिखा है कि कई गुरुद्वारे इस मौके पर सामने आए। यहां तक कि इस महामारी में लंगर की डिमांड पूरी करना काफी मुश्किल था। कई गुरुद्वारों ने तो जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों को भी खाना खिलाया।