Óñ«ÓÑêÓñéÓñ¿ÓÑç ÓñòÓñ¡ÓÑÇ Óñ¿Óñ╣ÓÑÇÓñé ÓñòÓñ╣Óñ¥ ÓñòÓñ┐ Óñ¡Óñ¥Óñ░Óññ ÓñÁÓñ┐ÓñÂÓÑìÓñÁ ÓñòÓñ¬ Óñ«ÓÑçÓñé ÓñçÓñéÓñùÓÑìÓñ▓ÓÑêÓñéÓñí Óñ©ÓÑç Óñ£Óñ¥Óñ¿Óñ¼ÓÑéÓñØÓñòÓñ░ Óñ╣Óñ¥Óñ░ ÓñùÓñ»Óñ¥: Óñ¼ÓÑçÓñ¿ Óñ©ÓÑìÓñƒÓÑïÓñòÓÑìÓñ©

मैंने कभी नहीं कहा कि भारत विश्व कप में इंग्लैंड से जानबूझकर हार गया: बेन स्टोक्स

इंग्लैंड के ऑलराउंडर बेन स्टोक्स ने उन दावों से इनकार किया कि भारत जानबूझकर इंग्लैंड से हार गया था। दरअसल, बेन स्टोक्स की किताब ‘ऑन फायर’ पर विवाद छिड़ा हुआ है। इसका वजह ये है कि किताब में बेन ने भारत और इंग्लैंड के बीच हुए लीग मैच का जिक्र करते हुए लिखा है कि भारतीय टीम ने लक्ष्य का पीछा करने में सही से कोशिश नहीं की।

बेन ने भारत को संबोधित करते हुए लिखा कि मैच में धोनी से बहुत कम या कोई इरादा नहीं था। उन्होंने रोहित शर्मा और विराट कोहली के बीच की साझेदारी को रहस्यपूर्ण बताया। पर पाकिस्तान के पूर्व गेंदबाज सिकंदर बख्त ने ट्विटर पर दावा किया है कि स्टोक्स ने अपनी किताब में लिखा है कि पाकिस्तान को विश्व कप सेबहार करने के लिए भारत जानबूझकर इंग्लैंड से हार गया। बाएं हाथ के बल्लेबाज ने सोशल मीडिया पर दावों का खंडन किया है और सुझावों को ‘क्लिक बैट’ कहा है।

बख्त के ट्वीट के जवाब में ट्विटर यूजर ने पूछा कि स्टोक्स ने ऐसी टिप्पणियां कहां की हैं। उपयोगकर्ता (यूजर) के सवाल के जवाब में स्टोक्स ने खुद जवाब दिया, “आपको यह नहीं मिला क्योंकि मैंने ऐसा कभी कहा ही नहीं है। इसे “शब्दों को घुमा” या “क्लिक बैट” कहा जाता है।”

https://twitter.com/benstokes38/status/1266014955851005953

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, स्टोक्स ने अपनी प्रकाशित होने वाली किताब में खुलासा किया है कि इंग्लैंड के ड्रेसिंग रूम ने महसूस किया कि धोनी ने इसे गहराई तक ले जाने की कोशिश की ताकि रन-रेट बरकरार रहे। धोनी 31 गेंदों में 42 रन बनाकर नाबाद रहे लेकिन मैच के अंतिम ओवर में अधिकांश रन आए। हमारे शिविर में एक सिद्धांत है कि धोनी के खेलने का तरीका हमेशा एक जैसा रहा है। स्टोक्स ने आगे लिखा, भले ही भारत खेल नहीं जीत सकता है, लेकिन वह यह सुनिश्चित करने के लिए अंत तक सही है।” उनकी बड़ी बात हमेशा अंतिम ओवर के लिए क्रीज पर होने से खुद को जीतने का मौका देने की रही है, लेकिन वह आम तौर पर हार के कारण भी किसी लक्ष्य के करीब पहुंचना पसंद करते हैं।

उस मैच में भारत के तरफ से धोनी और जाधव नाबाद लौटे थे। दोनों भारत को लक्ष्य तक पहुंचाने की कोशिश की पर वह पहुँचा नहीं पाए थे। थोनी ने 31 गेंदों पर 42 रनों की पारी खेली तो वहीं, केदार जाधव 13 गेंद पर 12 रन ही बना सके। जब दोनों क्रीज पर उतरे, उस समय तेजी से रनों की दरकार थी, लेकिन दोनों सुस्त नजर आ रहे थे। इस हार के बाद ही धोनी और कोहली की इच्छा शक्ति पर सवाल उठने लगे थे। कमेंट्री बॉक्स में बैठे पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने धोनी और केदार की बल्लेबाजी पर हैरानी जताते हुए कहा था कि “मैच जिताने की जिम्मेदारी सिर्फ विराट कोहली और रोहित शर्मा की नहीं है।”