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लॉकडाउन में कर्नाटक के कलबुर्गी जिले में धार्मिक उत्सव मनाने निकले सैकड़ों लोग

कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए हर एक एहतियात बरती जा रही है। पुलिस की ओर से कड़ाई भी पहले से ज्यादा सख्त होती जा रही है। जिससे आम लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन कई जगहों पर लोग नियमों का उल्लंघन करने से बाज नहीं आ रहे हैं। कर्नाटक के कलबुर्गी जिले में गुरुवार को भारी संख्या में लोग इकट्ठा हुए। यहां के चित्तपुर में एक धार्मिक कार्यक्रम होता आया है हर साल। जोकि इस बार भी रखा गया। जिसमें सोशल डिस्‍टेंसिंग और लॉकडाउन को ताक पर रखकर लोग भारी संख्या में एक जगह इकठ्ठा हुए।

चित्‍तपुर में हर साल सिद्धलिंगेश्‍वर धार्मिक मेला लगता है। गुरुवार को इस मेले में सैकड़ों लोग शामिल हुए। देश में लॉकडाउन के बावजूद ये मेला आयोजित किया गया। इंडिया टुडे के मुताबिक़, इस घटना का जो वीडियो सामने आया है, उसमें सैकड़ों लोग रथ खींच रहे हैं। इतना ही नहीं ये कंधे से कंधा मिलाकर खड़े थे। ये मेला चित्तापुर तालुक में आयोजित किया गया था। सबसे बड़ी और चौका देने वाली बात ये है कि स्थानीय प्रशासन और कानून के ‘लंबे हाथ’ पीछे बंधे रहे।

बता दें कि सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्रों में कलबुर्गी शामिल है। यहां संक्रमण के 17 मामलों की पुष्टि और तीन व्यक्तियों की मौत हो चुकी है। बेंगलुरु में कोरोना वायरस के 71 मामले सामने आये और संक्रमण से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। जिसके कारण बृहद बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) ने 32 वार्ड को कोविड-19 से सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र (हॉटस्पॉट) घोषित कर दिया है। इस बात की जानकारी निकाय अधिकारियों ने दी।

बेंगलुरु के महापौर एम गौतम कुमार ने गुरुवार को कहा कि बीबीएमपी के 32 वार्ड पूरी तरह सील कर दिए गए हैं और इन क्षेत्रों में बड़े स्तर पर स्वास्थ्य परीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। गौतम कुमार ने कहा, “जहां मरीज पाए गए हैं उसके तीन किलोमीटर के दायरे में हम प्रत्येक घर पर जाकर जांच कर रहे हैं। हमने वहां के निवासियों के घर तक आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए उचित व्यवस्था की है।” उन्होंने आगे कहा कि हम इन 32 वार्ड में लोगों को समूह में बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं। लोगों को नियम न तोड़ने देने के लिए बड़े स्तर पर सुरक्षा के उपाय किए गए हैं।