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असम के दो दिवसीय दौरे पर गृहमंत्री अमित शाह, कहा पहले 5 साल में कभी कभार कोई प्रधानमंत्री पूर्वोत्तर में आता था

पश्चिम बंगाल के अपने दौरे के एक सप्ताह बाद आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह असम पहुंचे, यहां अगले साल विधानसभा के लिए चुनाव होने है। पूर्वोत्तर क्षेत्र की उनकी दो दिवसीय यात्रा बहुत धूमधाम से शुरू हुई, जैसे ही अमित शाह रात को (25-26 दिसंबर) को लोकप्रिया गोपीनाथ बोर्डोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरें तो लोक कलाकारों और सैकड़ों समर्थकों ने उनके लिए त्यौहार जैसा माहौल बना दिया। एयरपोर्ट पर असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने उनका स्वागत किया।

गुवाहाटी में आज अमित शाह के कार्यक्रमों में असम दर्शन कार्यक्रम के तहत आठ हजार नामघरों (असम के पारंपरिक वैष्णव मठों) को वित्तीय अनुदान का वितरण शामिल है। न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, वह एक सांस्कृतिक और पर्यटन स्थल, राज्य की राजधानी में एक नए मेडिकल कॉलेज और असम में स्थापित किए जाने वाले नौ लॉ कॉलेजों के रूप में “बटाद्रवा से अधिक” के विकास के लिए आधारशिला भी रखेंगे।

इसके अलावा 2021 राज्य विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा के चुनाव अभियान को हरी झंडी दिखाकर पार्टी के सहयोगियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठकों को संबोधित करेंगे। अमित शाह की अध्यक्षता में कांग्रेस के दो नेताओं की पार्टी में शामिल होने की उम्मीद है। कहा जा रहा है कि जिस तरह बंगाल के तृणमूल नेता बीजेपी में शामिल हो रहे हैं उसी तरह असम में भी कांग्रेस नेता बीजेपी में शामिल हो रहे हैं।

27 दिसंबर को केंद्रीय गृह मंत्री इंफाल के चूरापोस्त मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास करेंगे। यह राज्य सरकार के गेस्ट हाउस और इंफाल में पुलिस मुख्यालय, नई दिल्ली में मणिपुर भवन, मुंगखोंग में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान और इंफाल में एकीकृत कमान और नियंत्रण केंद्र शहर के निर्माण के लिए परियोजनाओं को हरी झंडी देगें। अपने रैली के दौरान गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि पहले 5 साल में कभी कभार कोई प्रधानमंत्री पूर्वोत्तर में आता था। लेकिन मोदी जी ने 6 साल के अंदर स्वयं 30 बार पूर्वोत्तर के दौरा किया है और हर बार तौफा लेकर आये हैं। एक जमाने में यहां के सारे राज्यों में अलगाववादी अपना एजेंडा चलाते थे, युवाओं के हाथों में बंदूक पकड़ाते थे। भूपेन हजारिका न केवल असम बल्कि पूरे उत्तर पूर्व के साहित्य और कला के प्रतीक बनकर देश मे रहे हैं। मगर उन्हें कोई सम्मान नहीं मिला। नरेन्द्र मोदी जी ने भूपेन हजारिका जी को भारत रत्न देकर हमारे साहित्य और कला को आगे बढ़ाने का काम किया है। उन्होंने आगे कहा कि जहां तक भाजपा का सवाल है, असम को इन 6 साल के अंदर हमने कभी पराया नहीं समझा। असम को दिल्ली ने प्राथमिकता दी है, नार्थ ईस्ट को प्राथमिकता दी है। हर योजना का फायदा असम और यहां की जनता को पहुंचे इसका प्रयास हमने किया है।

भाजपा जिन राज्यों में 2021 में विधानसभा चुनाव होने है उन राज्यों में अभी से अपनी पैठ बनाने में जुटी हुई है। जैसे भाजपा कछुए की चाल चलकर धीरे-धीरे अपनी दौड़ जीतने में लगी हुई है तो वहीं दूसरी तरफ खरगोश की तरह नींद में सोई हुई है। 2021 में पश्चिम बंगाल, असम,पांडुचेरी, मणिपुर, तमिलनाडू और केरल में विधानसभा के चुनाव होने हैं।