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सऊदी में फंसी लड़की को बचाने के लिए उसकी माँ ने लगाई सरकार से गुहार

रोजगार की तलाश में लाखों लोग देश से बाहर जाते हैं। ऐसे में कुछ लोग नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को नौकरी के बहाने गलत काम में ढकेल देते हैं। इसी तरह का एक मामला तेलंगाना के हैदराबाद से सामने आया है।

पीड़िता का नाम अमरीन सुल्ताना है और उसकी माँ का सैयद सुल्ताना है। सैयदा सुल्ताना का कहना है कि उनकी बेटी को मानव तस्करी के जरिए सऊदी अरब के रियाद भेजा गया था। उनकी बेटी पिछले तीन सालों से रियाद में फंसी हुई है। पीड़िता की माँ का कहना है कि जब उनकी बेटी 16 साल की थी तभी उसे सऊदी भेजा गया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बेटी का मालिक उसका उत्पीड़न करता है और उसको भोजन भी नहीं दिया जाता है। सुल्ताना ने कहा कि वह उसकी पिटाई करते हैं। उन्होंने मेरी बेटी को कोई तनख्वाह नहीं दी और वह पिछले तीन सालों से रियाद में फंसी हुई है।

पीड़िता की माँ का यह भी कहना है कि मेरी बेटी को जब रियाद भेजा गया तब वह 16 साल की थी। एजेंट ने हमें यह नहीं बताया कि वह उसकी उम्र आधार कार्ड में ज्यादा दिखा रहा है। उसने मेरी बेटी की उम्र 28 साल दिखाई जबकि वह सिर्फ 16 साल की थी। मैं केंद्र सरकार और रियाद में स्थित भारतीय दूतावास से अनुरोध करती हूं कि वह मेरी बेटी को बचाएं और यह सुनिश्चित करें कि वह सुरक्षित हैदराबाद लौट जाए।

पीड़िता की माँ ने रियाद में भारतीय दूतावास और सरकार को बताया कि 2017 में तीन साल पहले चाँद नाम के एजेंट ने हमसे संपर्क किया और मेरी बेटी को रियाद में एक ब्यूटीशियन की नौकरी की पेशकश की।

पीड़िता की माँ का कहना है कि एजेंट ने कहा था कि मेरी बेटी को तनख्वाह के तौर पर 20-25 हजार मिलेंगे। क्योंकि हम आर्थिक रूप से कमजोर थे। पति की मौत हो जाने के कारण ही मेरी बेटी ने इस ऑफर को मान लिया और हैदराबाद चली गई। लेकिन एजेंट ने मेरी बेटी को दम्माम भेजने की बजाय रियाद भेज दिया। रियाद में अब मेरी बेटी को एक नौकर की तरह रखा हुआ है।