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घरेलू गैस की कीमत बढ़ने से लोगों में भारी गुस्सा, सिलेंडर को कुड़े में फेंका

दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे के ठीक एक दिन बाद ही गृहणियों को रसोई गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाकर सरकार ने बड़ा झटका दिया। गैस सिलेंडर का दाम बढ़ा तो वाराणसी की महिलाओं ने विरोध का अनोखा रास्ता अपना और अपने सिलेंडर को नगर निगम के कूड़ेदान में डाल दिया। महिला ने कहा कहा कि अब बहुत हो चुका, जब इसका खर्च ही नहीं उठा सकते तो सिलेंडर रखकर क्या करेंगे।

सरकार ने रसोई गैस सिलेंडर के दाम में 144.50 रुपये प्रति सिलेंडर की दर से मूल्य वृद्धि की है। इससे पहले एक सिलेंडर 773.50 रुपये में मिलती थी। लेकिन अब सिलेंडर की कीमत 918 रुपये हो गई है। रसोई गैस सिलेंडर की कीमत की वृद्धि को लेकर लोगों में गुस्सा है।

बनारस के सामाजिक संस्था सुबह-ए-बनारस ने गुरुवार की सुबह मैदागिन स्थित भारतेंदु पार्क में रसोई गैस सिलेंडर लेकर प्रदर्शन किया। संस्था के अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल ने कहा कि पहले से ही खाने-पीने की चीजों में महंगाई का दंश झेल रही जनता पर जिस प्रकार से दिल्ली की चुनावी प्रक्रिया समाप्त होने के बाद केंद्र सरकार द्वारा घरेलू गैस में भारी इजाफा किया गया है इससे आम जनता में आक्रोश की भावना उत्पन्न हो रही है।

घरेलू गैस की कीमत बढ़ने से लोगों में भारी गुस्सा, सिलेंडर को कुड़े में फेंका

वहीं जायसवाल ने कहा कि पहले तो सरकार ने लोगों से घरेलू गैस में सब्सिडी छोड़ने का आग्रह किया। केंद्र सरकार के आग्रह पर कितने लोगों ने स्वतः सब्सिडी लेना छोड़ दिया। और कितने लोगों का जबरन छुड़ा दिया गया। मगर अब वही अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं। जब दिन-प्रतिदिन घरेलू गैस के मूल्य में पेट्रोलियम मंत्रालय मनमानी तौर से वृद्धि करती जा रही है।

जबकि भारतेंदु पार्क में संस्था से जुड़े लोगों ने घरेलू गैस के मूल्य में भारी वृद्धी होने पर हाथों में तख्ती बैनर और सिलेंडर लेकर घरेलू गैस के मूल्य में बड़े हुए दर को वापस लेने की मांग की। इस कार्यक्रम में मुकेश जायसवाल, राजू यादव, नंदकुमार टोपी वाले, चंद शेखर चौधरी, अनिल केसरी, अशोक गुप्ता, राजेश केसरी, गोपाल जी यादव, रमाकांत जायसवाल, पंकज पाठक, डॉ मनोज यादव, सुनील अहमद खान, रामजी रस्तोगी, सहित कई लोग शामिल रहे।

बनारस के आस-पास के मोहल्लों की महिलाओं का विरोध करने का तरीका सबसे अलग और अनोखा था। वहां की महिलाएं जैसे ही कूड़ा उठाने वाले गली में घुसा तो महिलाओं ने कूड़ा ट्राली में कूड़े के साथ सिलेंडर भी उसी ट्राली में डाल दिया। और कहा कि जब सिलेंडर की कीमत चुकाने की ताकत नहीं रही तो इसे रख कर क्या करेंगे। पहले से ही प्याज, तेल, चीनी, सब्जी आदि के दाम आसामान छू रहे हैं अब सिलेंडर का दाम भी बढ़ा दिया। अब एक हजार रुपये में एक सिलेंडर पड़ेगा। परिवार अगर बड़ा है तो हालत खराब होनी तय है। सारा बजट बिगड़ गया।