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गोगोई का वीडियो हो रहा वायरल, जजों को कोई पद नहीं लेने पर दे रहे हैं नसीहत

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राज्यसभा के लिए नामित किया है। जैसे ही गोगोई का नाम राज्यसभा सदस्य के लिए सामने आया तब विपक्ष केंद्र सरकार को जम कर निशाना बना रही है। सरकार के इस फैसले का चारो ओर आलोचना हो रही है। इस बयानबाजी पर अब रंजन गोगोई ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मंगलवार को कहा कि शपथ ग्रहण करने के बाद बताएंगे कि उन्होंने राज्यसभा का पद क्यों स्वीकार किया है।

इसी बीच सोशल मीडिया पर उनका पुराना वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वे कह रहे हैं कि अगर देश का कोई भी जज कोई भी पद स्वीकारता है तो ये न्यायिक व्यवस्था पर एक दाग है। दरअसल, जस्टिस गोगोई का ये वीडियो 27 मार्च, 2019  का है जब 18 से ज्यादा याचिकाओं की सुनवाई करते हुए उन्होंने ये बयान दिया था।

अर्ध न्यायिक पैनल में रिटायर जजों के शामिल होने के मामले पर पूर्व सीजेआई गोगोई ने सख्त टिप्पणी की थी कि ऐसी नियुक्तियां न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर एक दाग लगाता है। पूर्व सीजेआई के मुताबिक, रिटायरमेंट के बाद किसी जज के किसी पद पर अपॉइंटमेंट से देश की न्यायिक व्यवस्था की स्वतंत्रता पर सवाल खड़े होते हैं। आप इसे हैंडल कैसे करेंगे? ये एक बड़ा सवाल है।

बता दें कि पूर्व सीजेआई रंजन गगोई 17 नवंबर, 2019 को मुख्य न्यायधीश पद से रिटायर हुए थे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने 47 फैसले सुनाए थे। जिनमें रामजन्म भूमि मामला काफी महत्वपूर्ण रहा था।

रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने अयोध्या मामले के अलावा, असम एनआरसी, राफेल, सीजेआई ऑफिस और आरटीआई के दायरे में जैसे कई ऐतिहासिक फैसले दिए। हालांकि, गोगोई अपने 13 महीनों के कार्यकाल के दौरान विवादों में भी रहे थे। उन पर एक महिला ने यौन उत्पीड़न के आरोप भी लगाए थे। परंतु बाद में उन सभी आरोपों से मुक्त भी हुए। गोगोई उन 4 जजों में भी शामिल थे जिन्होंने रोस्टर को लेकर ऐतिहासिक प्रेस कॉन्फ्रेस भी बुलाई थी।