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बिहार में रद्द हुई STET परीक्षा के लिए दोबारा नहीं भरना होगा फॉर्म

बिहार में अभ्यर्थियों को रद्द हुई एसटीईटी की परीक्षा के लिए दोबारा फॉर्म नहीं भरना होगा। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने यह घोषणा की है। परीक्षा समिति ने कहा कि वर्ष 2019 की परीक्षा में शामिल होने के लिए किसी भी परीक्षार्थी (जिसने पूर्व में फॉर्म भरा था) को फिर से इस परीक्षा का न तो फॉर्म भरना होगा और न ही इस परीक्षा के लिए उनसे कोई शुल्क ली जाएगी। इसके साथ ही बोर्ड ने साफ कर दिया है कि दोबारा परीक्षा के लिए किसी भी स्टूडेंट को अलग से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी।

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर के मुताबिक रद्द की गई। इस परीक्षा में दोबारा शामिल होने के लिए परीक्षा फॉर्म भरे हुए अभ्यर्थियों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। परीक्षा रद्द करने के साथ ही बोर्ड ने बिहार सरकार के शिक्षा विभाग को फिर से परीक्षा आयोजित करने की अनुशंसा भी भेजी है। बोर्ड ने कहा है कि एसटीईटी की पुनर्परीक्षा के लिए तिथि निर्धारित होते ही परीक्षार्थियों को जानकारी दी जाएगी।

दरअसल, जनवरी महीने में हुई बिहार की शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी एसआईटी को जांच कमेटी द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर रद्द कर दिया गया था। यह परीक्षा राज्य के 317 केंद्रों पर आयोजित की गई थी। परीक्षा के दौरान राज्य के कई केंद्रों पर काफी हंगामा हुआ था। कई परीक्षार्थियों ने प्रश्नों के कोर्स से बाहर से पूछे जाने का आरोप लगाया था।

दो पाली में हुई परीक्षा में दो लाख 47 हजार 241 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। इसमें प्रथम पाली में एक लाख 81 हजार 738 और दूसरी पाली में 65 हजार 503 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। ज्ञात हो कि 28 जनवरी को परीक्षा होने के बाद प्रश्न पत्र के साथ कई पहलूओं पर जांच के लिए बोर्ड ने चार सदस्यीय कमिटी गठित की थी। एसटीईटी 2019 राज्य भर में 28 जनवरी को 317 केंद्रों पर ली गयी थी।