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कोरोना से हरियाणा में पहली मौत, प्रधानमंत्री आज लेंगे सभी मुख्यमंत्रियों से हालात का जायजा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ कोरोना संकट के ताजा हालात पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जरिए बात करेंगे। वे मुख्यमंत्रियों से मौजूदा हालात की जानकारी लेंगे। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि कोरोना वायरस से अब तक मृतकों की संख्या 41 हो गई है। वहीं, संक्रमित लोगों की संख्या 1,834 पहुंच चुकी है।

इसी बीच हरियाणा से कोरोना संक्रमण से पहली मौत होने की खबर आई है। अंबाला के 67 वर्षीय बुजुर्ग की चंडीगढ़ के पीजीआईएमईआर में संक्रमण के बाद भर्ती कराया गया था जहां उनकी मौत हो गई। मृतक की पहचान अंबाला छावनी की टिम्बर मार्केट में रहने वाले हरजीत सिंह कोहली के तौर पर हुई है।

भारत में कोरोना का संकट गहरता जा रहा है। अब तक इस बीमारी की चपेट में आने 50 लोग मारे जा चुके हैं। वहीं इस बीमारी से भारत में अब तक 1965 संक्रमित हो चुके हैं। हालांकि, 143 लोग इससे ठीक होकर अपने घर भी लौट चुके हैं। निजामुद्दीन मरकज का मामला आने के बाद दिल्ली में कोरोना संक्रमितों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है।

पिछले 24 घंटे में दिल्ली में 32 नये केस सामने आए हैं, जिसमें से 29 केस निजामुद्दीन मरकज से जुड़े हुए लोगों की है। वहीं, बात दुनिया की बात करें तो अमेरिका में कोरोना हर ढाई मिनट में एक शख्स की जान ले रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दफ्तर वाइट हाउस ने चेताया है कि अगर सोशल डिस्टेंसिंग रखें तो भी यह महामारी अमेरिका में 2.40 लाख तक लोगों की जान ले सकती है। खुद ट्रंप ने कहा कि अमेरिकियों के लिए अगले दो हफ्ते बेहद दर्दभरे रहने वाले हैं। हर अमेरिकी आने वाले मुश्किल दिनों के लिए तैयार रहे। यह देश के लिए परीक्षा की घड़ी है। पहले हमने कभी ऐसे संकट का सामना नहीं किया। यह जिंदगी और मौत का मामला है।

देश में जारी लॉकडाउन के बीच दून में रामनवमी का त्यौहार मनाया जा रहा है। रामनवमी त्यौहार पर उप-राष्ट्रपति वैंकेया नायडू और पीएम नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को बधाई दी है। उपराष्ट्रपति ने इसके साथ ही कोरोना से निपटने की कामना की है।  लॉकडाउन की वजह से देश में सभी धार्मिक स्थलों पर कार्यक्रम होने पर पाबंदी है। ऐसे में लोग अपने घरों पर ही रामनवमी त्यौहार मना रहे हैं। अयोध्या में भी रामनवमी के अवसर पर होने वाले कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया और कुछ मुख्य पुजारी ही भगवान की पूजा और विधि विधान करेंगे।