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डिजिटल लेनदेन के लिए सार्वजनिक या फ्री वाईफाई नेटवर्क का न करें प्रयोग, RBI ने दी चेतावनी

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने डिजिटल लेनदेन के सुरक्षित उपयोग के संबंध में ग्राहकों को सतर्क किया है। आरबीआई ने कहा है कि सार्वजनिक, खुले या फ्री वाईफाई-नेटवर्क के जरिए बैंकिंग या अन्य वित्तीय लेन-देन करने से जितना हो सके बचे। आरबीआई का कहना है कि मुफ्त वाई-फाई के चक्कर में ग्राहकों के खाते बड़ी संख्या में साफ हो रहे हैं। विभिन्न बैंकों में 170 ग्राहकों ने इस संबंध में शिकायतें भी दर्ज कराई हैं।

आरबीआई के चीफ जनरल मैनेजर योगेश दयाल का कहना है कि ग्राहकों को सुरक्षित डिजिटल लेनदेन की सर्वोच्च प्राथमिकता देना चाहिए। रिजर्व बैंक ने इस संबंध में अलर्ट करने के लिए ‘आरबीआई कहता है’ अभियान भी लांच किया है। ओपन वाई-फाई में ग्राहकों को लुभाने के लिए धोखेबाज नेटवर्क स्पीड का फायदा उठाते हैं। ऐसी जगहों को चिन्हित कर लुभावने ऑफर भेजते हैं। भारी भरकम डिस्काउंट के ऑफर फ्लैश करते हैं।

योगेश दयाल के अनुसार, हाल के दिनों में धोखेबाजों से केवाईसी आवश्यकताओं को पूरा करने वगैरह जैसे फर्जी बहाने से और बैंकों की वेबसाइटों की हूबहू नकल करके ठगने के मामलों में तेजी आई है। आरबीआई की तरफ से ग्राहकों से कहा गया है कि मोबाइल, ई-मेल, इलेक्ट्रॉनिक वॉलेट या पर्स में अपने महत्वपूर्ण बैंकिंग डेटा न रखें। गलती से भी किसी को ओटीपी, पिन या सीवीवी नंबर न बताएं।

अपने ग्राहकों को देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने साइबर हमलों के बारे में चेतावनी दी है। एसबीआई ने कहा है कि फ्री कोविड-19 टेस्टिंग के नाम पर अगर कोई ईमेल आए तो उस पर क्लिक न करें, वर्ना साइबर अटैक का शिकार हो सकते हैं। ग्राहकों से एसबीआई ने कहा है कि कोविड-19 के नाम पर फर्जी ई-मेल भेजकर लोगों से उनकी व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी चोरी कर रहे हैं। डिटेल लेकर ये हैकर्स बैंक की आपके अकाउंट को हैक कर रहे हैं। संदिग्ध ईमेल आईडी ncov2019@gov.in है। ईमेल की सब्जेक्ट लाइन फ्री कोविड-19 टेस्टिंग है।