प्रधानमंत्री के इस्तीफे के बाद भी जारी है प्रदर्शन
इससे पहले पिछले हफ्ते प्रदर्शनकारियों ने नजफ स्थित ईरान उच्चायोग की इमारत में आग लगा दी थी जिसमें 100 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इसके बाद ईरान के नाराजगी जताने के बाद इराक के विदेश मंत्री मोहम्मद अल्हकीम ने अपने ईरानी समकक्ष मोहम्मद जावेद जरीफ से माफी की पेशकश की।लेकिन प्रदर्शनकारी अब भी गुस्साए हुए हैं। इस्तीफे के बाद भी प्रदर्शनकारी राजधानी में पहुंच गए। इस दौरान सुरक्षा बलों की फायरिंग में एक प्रदर्शनकारी मारा गया। प्रदर्शनकारियों ने बंदरगाह की तरफ जाने वाले सभी रास्ते जाम कर दिए हैं। देश के शिया बहुल इलाकों में भी विरोध प्रदर्शन जारी हैं। प्रदर्शन के दौरान हुई मौतों को लेकर शीर्ष शिया धर्मगुरु आयातुल्ला अली अल-सिस्तानी पहले ही नई सरकार के गठन की मांग कर चुके हैं।इराक में अक्तूबर माह से ही ये प्रदर्शन जारी हैं। प्रदर्शनकारीयों का आरोप है कि देश में आर्थिक सुधार लाने, भ्रष्टाचार खत्म करने और रोजगार के अवसर पैदा करने जैसे मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन के कारण अब तक 400 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि हजारों लोग घायल हुए हैं।
