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प्रयागराज में नोटबंदी जैसे हालात, ATM हुए कैशलेस

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में ज्यादातर एटीएम में कैशलेस हो गए हैं जिसके चलते नोटबंदी जैसे हालात पैदा हो गए हैं। यहां पर एटीएम के सामने लोग लम्बी-लम्बी कतार लगाकर खड़े हो रहे हैं पर उनको कैश नहीं मिल रहा है। लेकिन यहां बैंक अफसरों इसको लेकर बेखबर है। लोगों का कहना है कि उन्होंने इसकी सुचना बैंकों को दी पर कोई सुनवाई नहीं हुई।

एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि अभी शादी और त्योहार का सीजन है। हम पूरा शहर घूम आए पर कैश कहीं नहीं मिला। उन्होंने आगे कहा कि अभी यहां ऐसा लग रहा है जैसे नोटेबंदी के समय हुआ था। शहर में 110 एटीएम है पर बहुत चुनिंदा एटीएम में ही कैश है मगर वह भी पर्याप्त मात्रामें उपलब्ध नहीं है।

दरअसल, एटीएम में कैश उपलब्ध नहीं होने की वजह ये बताई जा रही है कि कैश डालने वाले एजेंसियों का कैश डिलीवरी वाहन आरबीआई के मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं जिसकी से पुलिस ने सख्ती की है। यही कारण है कि कैश वैन की लूट की वारदात सामने आती रही है। पिछले साल प्रयागराज जंक्शन स्टेशन पर एटीएम में कैश डालने के दौरान एक करोड़ 60 लाख की लूट हुई थी।

इसी के बाद पुलिस ने सख्ती से जब कैश डिलीवरी वैन की जांच की तो बड़ा गड़बड़ सामने आया। जब वहां पर पुलिस ने एटीएम कैश वैन को चेक किया तो 42 में से 38 वैन में आरबीआई के मानक पर खरी नहीं उतरी। जबकि पांच में मानक को पूरा किया। ज्यादातर कैश डिलिवरी वैन में सीसीटीवी कैमरे, जाली, डबल लाक और सुरक्षा गार्ड ही नहीं पाए गए।

इस मामले पर आईजी जोन प्रयागराज केपी सिंह ने बताया, “बैंक के अधिकारियों से बातचीत कर जल्द एटीएम कैश डिलिवरी वैन के मानक पूरा करने और एटीएम में कैश सुनिश्चित कराने को कहा है। उन्होंने कैश वैन के संचालन में थोड़ी शिथिलता लाते हुए मानकों को पूरा करने के लिए पुलिस की ओर से एजेंसियों को पर्याप्त समय देने की भी बात कही है।” शहरी क्षेत्र के 110 एटीएम में 70 एटीएम को बाहरी एजेंसियों के कैश वैन से भरा जाता है। जबकि 40 एटीएम को बैंकों के अपने वैन से भरने की व्यवस्था है।