ÓñªÓñ┐Óñ▓ÓÑìÓñ▓ÓÑÇ ÓñÁÓñ┐ÓñÂÓÑçÓñÀ: 1993 Óñ«ÓÑçÓñé Óñ╣ÓÑüÓñå ÓñÑÓñ¥ ÓñªÓñ┐Óñ▓ÓÑìÓñ▓ÓÑÇ ÓñÁÓñ┐ÓñºÓñ¥Óñ¿Óñ©Óñ¡Óñ¥ ÓñòÓñ¥ ÓñùÓñáÓñ¿

दिल्ली विशेष: 1993 में हुआ था दिल्ली विधानसभा का गठन

देश की राजधानी दिल्ली में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज गया है। 8 फरवरी को मतदान होगा और 11 फरवरी को नतीजे आएंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने बताया कि चुनाव सिंगल फेज में होगा।

इसके लिए 14 जनवरी को नोटिफिकेशन जारी होगा। नमांकन की आखिरी तारीख 21 जनवरी होगी। नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 24 जनवरी रखी गई है।

दिल्ली की पहली विधानसभा का गठन नवंबर 1993 में हुआ था। इससे पहले मंत्री परिषद् हुआ करती थी। उस वक्त कुल छह राष्ट्रीय दलों, तीन राज्य दलों, 41 पंजीकृत (गैर मान्यता प्राप्त) दलों और अन्य स्वतंत्र उम्मीदवारों ने 70 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव लड़ा था।

उस वक्त 49 सीटों के साथ भाजपा को बहुमत मिला और मदन लाल खुराना मुख्यमंत्री बने थे। 14 सीटें कांग्रेस, चार जनता दल और तीन निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीती थीं।

दिल्ली विधानसभा का कार्यकाल 22 फरवरी को समाप्त होगा। नियमानुसार उससे पहले ही चुनाव संपन्न कराकर नई विधानसभा का गठन करना होगा।

मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि सभी 70 सीटों पर वोटिंग होगी, जिसके लिए 2689 जगहों पर वोटिंग होगी। इसके लिए कुल 13757 पोलिंग बूथ बनाए जाएंगे।

मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि दिल्ली में करीब एक करोड़ 47 लाख वोटर हैं। चुनावी व्यवस्था में 90 हजार कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। चुनावी आचार संहिता लागू हो गई है।