ÓñÂÓñ¥Óñ╣ÓÑÇÓñ¿ Óñ¼Óñ¥Óñù Óñ¬ÓÑìÓñ░ÓñªÓñ░ÓÑìÓñÂÓñ¿ Óñ©ÓÑìÓñÑÓñ▓ ÓñòÓÑï ÓñªÓñ┐Óñ▓ÓÑìÓñ▓ÓÑÇ Óñ¬ÓÑüÓñ▓Óñ┐Óñ© Óñ¿ÓÑç ÓñòÓñ░Óñ¥Óñ»Óñ¥ ÓñûÓñ¥Óñ▓ÓÑÇ

शाहीन बाग प्रदर्शन स्थल को दिल्ली पुलिस ने कराया खाली

कोरोना वायरस से भारत में अब तक 10 लोगों की मौत हो गई है। वहीं 500 से अधिक लोग संक्रमित हैं। कई राज्य को लॉक डाउन कर दिया है तो कई जगह कर्फ़्यू लगा दिया गया है। इसी बीच खबर है कि पिछले 100 दिन से चल रहे दिल्ली के शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ धरने को हटाने के लिए पुलिस ने कार्रवाई की है।

प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए मंगलवार की सुबह दिल्ली पुलिस के अधिकारियों और पुलिसकर्मी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों से अपील किया कि वे कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्रदर्शन स्थल को खाली कर दें। उसके बाद पुलिस फोर्स की तैनाती के बीच प्रदर्शन स्थल पर लगे टेंट हटावा दिया गया। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि हमने रात को ही कर्फ्यू की आशंका को देखते प्रदर्शन स्थल खाली कर दिया था।

मौके पर दिल्ली पुलिस के जवानों के साथ अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई। अभी कोरोना वायरस के कारण पूरी दिल्ली में धारा-144 लगा दी गई है और सातों जिलों को लॉकडाउन किया गया है। रविवार को पूरे देश में जनता कर्फ्यू लगाया गया था। इसका शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों ने भी समर्थन किया था और उस दिन सांकेतिक धरना चला था, लेकिन इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने कोरोना के संक्रमण को देखते हुए फैसला किया था कि अब सिर्फ 5 महिलाएं धरने पर बैठेंगी।

पुलिस अधिकारियों  ने बताया कि कोरोना के कारण जैसे हालात बने हैं, हमें एकाएक प्रदर्शनस्थल को खाली कराने का निर्णय किया है। इसकी शुरुआत कल रात यानी सोमवार से ही हलचल शुरू हो गई थी। पुलिस ने शाहीन बाग के लोगों से अपील की थी कि वह प्रदर्शन से हट जाएं पर वह नहीं हटे। अब कोरोना वायरस का खतरा बढ़ता ही जा रहा है। पुलिस लोगों से कह रहे हैं कि वह शांतिपूर्ण तरीके से हट जाएं, ताकि लोगों की जान हिफाजत में रहे। किसी को कोई जोखिम नहीं उठाना पड़े, क्योंकि यह बहुत संक्रमण वाली बीमारी है।

पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि कोरोना वायरस पूरी दुनिया में तेजी से फैल रहा है। हमें सड़क भी खाली करानी है, क्योंकि एंबुलेंस समेत कई जरूरी सामानों की गाड़ियों की आवाजाही हो सके। इससे पहले रविवार सुबह धरनास्थल के पास लगे बैरिकेड्स पर पेट्रोल बम फेंका गया। हालांकि, इस घटना में सभी सकुशल रहे। प्रदर्शनकारियों के दो गुटों में जनता कर्फ्यू का समर्थन करें या न करें, इसको लेकर शनिवार रात झड़प हो गई थी।

दूसरी तरफ लखनऊ के घंटाघर और मुंबई के मोरलैंड रोड को भी प्रदर्शनकारियों ने खाली कर दिया है। कोरोना से लड़ाई के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर रविवार को देशभर में जनता ने कर्फ्यू लगाया था। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस देश के 23 राज्यों में फैल चुका है। भारत के 75 जिले 31 मार्च तक लॉकडाउन किए गए हैं। कोरोना से लड़ाई के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर रविवार को देशभर में जनता ने कर्फ्यू लगाया था।