हंगामे की भेंट चढ़ा दिल्ली मेयर का चुनाव

दिल्ली नगर निगम के मेयर, डिप्टी मेयर सहित 6 स्टैंडिंग कमेटी के लिए सिविक सेंटर में आज मतदान होना था,लेकिन मतदान शुरू होते ही भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच हुए हंगामें के चलते मतदान को स्थगित कर दिया है।

 

दरअसल, सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा और आम आदमी पार्टी के पार्षदों में जमकर हाथापाई होने लगी। कई पार्षदों को कुर्सियां उठाकर एक-दूसरे को मारते हुए भी देखे गए तो कुछ पार्षदों ने टेबल पर खड़े होकर पार्षदों ने पीठासीन अधिकारी के सामने जमकर नारेबाजी की । इसके बाद दोनों पार्टियों की ओर से आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है। आम आदमी पार्टी ने कहा है कि नियमों व परंपरा के मुताबिक, मनोनीत पार्षदों की शपथ बाद में होती है और निर्वाचित पार्षदों की शपथ पहले होती है। लेकिन भाजपा मनोनीत पार्षदों की शपथ पहले इसलिए करवाना चाहती है क्योंकि वह उन्हें मेयर व डिप्टी मेयर के चुनाव में वोटिंग का अधिकार दिलवाना चाहती है।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि आप पार्षदों की हताशा-निराशा व्यवहार में दिख रही है, ये गुंडे हैं। अगर वो कुर्सी उठाकर मारेंगे तो हमारे पार्षद बचाव तो करेंगे। सदन में लोकतांत्रिक नियमों का पालन करना चाहिए। उनके मुख्यमंत्री सड़क पर खड़े होकर थप्पड़ लगाते हैं, विक्टिम कार्ड खेलते हैं। मेयर चुनाव को लेकर सचदेवा ने कहा कि उनके पार्षद ज्यादा हैं तो उन्हें डर क्यों हैं। दरअसल आम आदमी पार्टी दो फाड़ हो गई है। अपनी नाकामी को छुपाने के लिए हंगामा कर रहे हैं। गुंडागर्दी पर उतरे हुए हैं। पहले कौन लेगा शपथ लेगा, ये पीठासीन अधिकारी को हक है।

 

भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने केजरीवाल की पार्टी पर गुंडागर्दी करने का आरोप लगाया है। ट्वीट कर आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए मनोज तिवारी ने कहा कि ”49 से 134 होते ही आप के पार्षदों ने शुरू की गुंडागर्दी,धक्के मारना, लड़ना झगड़ना, कानून को ना मानना ये ही सच है इस गुंडा पार्टी का,केजरीवाल खुद अपने घर बुला कर अफ़सर और नेताओं को धमकाते और पिटवाते हैं तो उनके चेलों से और क्या उम्मीद कर सकते हैं।

इसके अलावा आदमी पार्टी की ओर से आरोप लगाया गया कि चुनाव प्रक्रिया का मखौल उड़ाया जा रहा है। मेयर के चुनाव में मनोनीत पार्षदों को वोटिंग का अधिकार देने की साजिश की जा रही है। आप विधायक कुलदीप कुमार ने आरोप लगाया कि भाजपा के पार्षदों ने मारपीट और धक्का मुक्की की है। वहीं मनोनीत पार्षदों को लेकर कहा कि कभी वो वोट नहीं करते हैं, लेकिन इसके बाद पीठासीन अधिकारी ने उन्हें शपथ के लिए बुलाया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पीठासीन अधिकारी के लिए हमेशा चुनी हुई सरकार द्वारा बनता है।

हमने मुकेश गोयल का नाम भेजा था, लेकिन एलजी ने किसी और को बना दिया है। इससे पहले उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के द्वारा भाजपा की पार्षद सत्या शर्मा को नगर-निगम के मेयर व डिप्टी मेयर के चुनाव के लिए पीठासीन अधिकारी बनाने पर विवाद खड़ा हो गया था। आम आदमी पार्टी ने कहा है कि यह परंपरा रही है कि सदन के सबसे वरिष्ठ सदस्य को प्रोटेम स्पीकर या पीठासीन अधिकारी चुना जाता है लेकिन बीजेपी सभी लोकतांत्रिक परंपराओं और संस्थानों को बर्बाद करने पर तुली हुई है। दिल्ली सरकार ने पीठासीन अधिकारी के लिए आम आदमी पार्टी के पार्षद मुकेश गोयल के नाम की सिफारिश की थी। अब आम आदमी पार्टी ने मुकेश गोयल को एमसीडी में पार्टी का नेता नियुक्त किया है। मुकेश गोयल आदर्श नगर वार्ड 15 से एमसीडी पार्षद का चुनाव जीते हैं और एमसीडी में सबसे वरिष्ठ पार्षद हैं।

दिल्ली नगर निगम के चुनाव में आम आदमी पार्टी को 134, भाजपा को 104 और कांग्रेस को 9 सीटों पर जीत मिली थी,जिसमे आम आदमी पार्टी के पास बहुमत का आकड़ा है, जबकि भाजपा बहुमत से काफी पीछे दिख रही है। आम आदमी पार्टी के पास एमसीडी में 134 पार्षद, 3 राज्यसभा सदस्य और 13 विधायकों को मिलाकर 150 सदस्य होते हैं। वही भाजपा के पास 104 पार्षद हैं और 1 निर्दलीय पार्षद भी साथ में है। इस तरह उसका आंकड़ा 105 पर पहुंच गया है। इसके अलावा भाजपा के 7 सांसद और 1 विधायक को वोट मिलकर पार्टी 113 के आंकड़े पर पहुंच रही है। वहीं कांग्रेस के 9 पार्षद और निर्दलीय 2 पार्षद हैं। हालांकि कांग्रेस ने इस चुनाव से खुद को बाहर कर लिया है। ऐसे में कांग्रेस के पार्षद वोटिंग में हिस्सा नहीं लेते हैं तो फिर मेयर पद के लिए नंबर गेम बदल जाएगा,जो भाजपा के लिए झटके की तरह है तो आम आदमी पार्टी के हित में दिख रहा है।

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