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डॉक्टर और नर्सों की लापरवाही, जिंदा बच्चे की बजाय परिजनों को थमाया मृत बच्चा

मध्यप्रदेश के झाबुआ के अस्पताल में एक अनोखी घटना सामने आई। यहां डॉक्टरों और नर्सो की लापरवाही की वजह से आठ दिन के जिंदा बच्चे की जगह परिजनों को एक दिन का मृत बच्चा दे दिया। जब परिवारवालों को इस बारे में पता चला तो उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। लेकिन बाद में डॉक्टरों ने अपनी गलती को स्वीकारा और उनके बच्चे को वापस दिया।

दरअसल, झाबुआ के अस्पताल में रेशमा नाम की दो महिलाए भर्ती हुई। आठ दिन पहले इस नाम की एक महिला पहले आई हुई थी और उसने एक बच्चे का जन्म दिया था। बच्चा जब पैदा हुआ तो काफी कमजोर था, जिसके कारण उसे एसएनसीयू वार्ड में रखा गया था।

वहीं दोपहर को कवठू निवासी राजू की पत्नी रेशमा ने बच्चे को जन्म दिया था। वजन कम होने के कारण उसे भी उसी वार्ड में रखा गया था। कुछ घंटों बाद राजू की पत्नी रेशमा के बच्चे की मौत हो गई। जिसके बाद वहां ड्यूटी कर रहे डॉक्टर और नर्सों ने सरदार की पत्नी रेशमा बुलाकर कहा कि आपके बच्चे की मौत हो गई हैं।

हालांकि, मृत्यु राजू और रेशमा के बच्चे की हुई थी। इस बात की भनक जब रेशमा पति राजू को लगी कि बच्चा अदला-बदली हो गई है तो उन्होंने अस्पताल में हंगामा खड़ा कर दिया। रेशमा पति सरदार निवासी मोरासा मृत बच्चे को लेकर चले गए थे। डॉक्टरों ने फोन कर उन्हें वापिस बुलाया और उन्हें सारी घटना बताई।

रेशमा पति राजू का बच्चा 6 महीने का होकर भी प्री-मेच्चूर था, डॉक्टरों को पहले ही शंका थी कि बच्चा का मुश्किल से बचेगा है। बच्चे का वजन 7 किलो था। अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने कहा कि गलती हुई हैं, बच्चा बदलवा दिया हैं। रेशमा नाम की दो महिलाएं होने की वजह से गलती हुई हैं। जैसे ही हमें अंदेशा हुआ महिला को तुरंत फोन लगाकर वापस बुलवाया और उसे बच्चा दिया।”

सिविल सर्जन केसी गुप्ता ने इस मामलें को लेकर कहा, “जिला अस्पताल की लापरवाही नहीं हैं। महिला से कई बार उसका नाम पूछा। उसने रेशमा पति राजू कहा इसलिए उसे बच्चा दे दिया था। बाद में हमें ही अंदेशा हुआ कि बच्चा बदला गया है। हमने तुरंत परिजन को फोन कर वापस बुलाया और सही बच्चा सही परिजन को दिया।”